सिवाना | कस्बे व मुख्य बाजारों में विचरण कर रहे आवारा पशु वाहन चालकों और राहगीरों के लिए जी का जंजाल बने हुए है। इससे कई बार ग्रामीण दुर्घटना के शिकार हो रहे है। इसके बावजूद पशुओं की धरपकड़ को लेकर प्रयास नहीं किए जा रहे है। मुख्य बाजार पर सड़ी-गली सब्जियां व झूठन खाने के दौरान आपस में सांडों के भिड़ने से राहगीरों का गुजरना तक मुश्किल हो जाता है।