पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • दूध, मावा और मिठाई में मिलावट, इस साल विभाग ने नहीं लिए सेंपल

दूध, मावा और मिठाई में मिलावट, इस साल विभाग ने नहीं लिए सेंपल

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
सिवाना | क्षेत्र में मिलावटी दूध का कारोबार दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है, लेकिन खाद्य सुरक्षा विभाग इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। मिलावटी दूध की सेंपलिंग नहीं ली जा रही है। इस वर्ष सिवाना क्षेत्र से एक भी सेंपल नही लिए गए हैं। इससे मिलावट खोर दूध, मावा, मिठाई व घी में मिलावट कर खूब चांदी कूट रहे हैं। वहीं दूध लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों में शुमार है। मिलावटी व अमानक दूध से स्वास्थ्य को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने दूध की अधिक से अधिक एवं नियमित सेंपलिंग के आदेश दिए है। इसके बावजूद विभाग सेंपलिंग में रुचि नहीं ले रहा है। दूध वर्तमान समय में हर आम और खास की प्रतिदिन की आवश्यकता है। चाय-कॉफी से मेहमानों का स्वागत करना हो या स्वयं को ताजगी देने के लिए इनकी आवश्यकता है। ऐसे में यदि दूध में हानिकारक रसायनों व पदार्थों की मिलावट हो तो यही स्वास्थ्यवर्धक दूध जहर का काम करता है। अमानक व मिलावटी दूध लोगों की सेहत बिगाड़ रहा है। सिवाना में विक्रय के लिए लाए जा रहे दूध में पानी के साथ अन्य रसायनों की मिलावट सेहत को नुकसान पहुंचा रही है। प्रतिदिन हजारों लीटर दूध विभिन्न माध्यमों से सिवाना में आ रहा है। ग्राहकों को उनके द्वारा चुकाए जा रहे पैसे के बदले में कितना शुद्ध दूध मिल रहा है, यह कहना मुश्किल है। दूध से मिठाई, दही, पनीर सहित अन्य व पेय पदार्थ भी बनाए जाते हैं। इन खाद्य व पेय पदार्थों की खपत भी बहुत अधिक होती है। मिलावटी दूध से बने ये पदार्थ भी लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डाल सकते हैं। दूध को गाढ़ा करने के लिए इसमें हानिकारक पाउडर, डिटर्जेंट, यूरिया एवं रसायन मिलाए जाते हैं, लेकिन खाद्य सुरक्षा अधिकारी सेंपल लेने में नाकाम साबित हो रहा है

कम दाम में मिलता मिलावटी दूध : दूध में मिलावट का अंदाजा इसके दामों में अंतर से आसानी से लगाया जा सकता है। सिवाना में दूध 20 रुपए से 50 रुपए प्रति लीटर तक मिल रहा है। दूध में पानी की मात्रा के हिसाब से दूध की कीमत तय होती है। शुद्ध दूध के लिए अधिक कीमत देनी पड़ती है और पानी मिला दूध कम दाम में मिल जाता है। इसके साथ ही पैकेट वाले दूध पर भी एमआरपी से अधिक पैसा वसूला जा रहा है।

सिवाना में दूध व घी में मिलावट की जा रही है तो शीघ्र सेंपल लेकर कार्रवाई करेंगे। - भूरा राम गोदारा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी बाड़मेर

खबरें और भी हैं...