सोजत शहर में आज से शुरू होगा हीरक जयंती महोत्सव
शहर के स्थानकवासी जैन गुरु सेवा समिति में सोमवार से शुरू हो रहे मिश्रीमल मसा का दीक्षा शताब्दी व जैन संत रूपचंद मसा की दीक्षा हीरक जयंती व अक्षय तृतीया पारणा महोत्सव के लिए जैन संतों व महासतियों का मंगलप्रवेश रविवार को हुआ। विहार के दौरान भगवान महावीर स्वामी के जयकारे गूंजते रहे। कोट का मोहल्ला स्थित जैन बड़ा स्थानक में एक अप्रैल को उपप्रवर्तक सुकन मुनि मसा, अमृत मुनि, महेश मुनि, नानेश मुनि, हितेश मुनि, मुकेश मुनि, वरूण मुनि आदि ठाणा संतों ने नगर प्रवेश किया था। चार दिन पूर्व युवाचार्य महेंद्र ऋषि मसा भी इंदौर से प्रवास कर संत मंडली के साथ स्थानक पहुंचे थे। यहां पर पिछले 14 दिनों से प्रतिदिन सामयिक के साथ सुबह व्याख्यान होते रहे। रविवार को आयोजन में भाग लेने के लिए संतों का बधावणा करने के लिए समाजबंधु पहुंचे। इस दौरान संत मंडली मुख्य बाजार, धानमंडी, सब्जी मंडी, राजपोल गेट, मरूधर केसरी रोड होते जैन गुरु सेवा समिति पहुंची। जहां पर समिति के अध्यक्ष नवर|मल सांखला, सहमंत्री मगराज धोका, समारोह उपाध्यक्ष नवर|मल गुंदेचा, समाजसेवी नेमीचंद धोका ने संतों की अगुवानी की। इसके बाद सभी गुरु भगवंतों ने गुरुदेव मिश्रीमल मसा के अस्थिकलश स्थल का दर्शन कर उन्हें आदरांजलि अर्पित की। इसके बाद अहिंसा पीठ में सुबह धार्मिक प्रवचन हुए। इस दौरान संतों के साथ वयोवृद्घ रमीला कंवर, कुसुमलता, राजराजेश्वरी, जयमाला, कमलप्रभा, उमराव कंवर, इंदूप्रभा, डॉ चेतना, कंचनकंवर, डॉ. सुशीला ने भी अपने विचार प्रकट किए। इस मौके मोहनराज अखावत, बाबूलाल बोहरा, भंवरलाल गांधी, माणकचंद ओस्तवाल, भंवरलाल भंडारी, रामलाल श्रीश्रीमाल, प्रकाशचंद बोहरा, गौतमचंद धोका, जसवंतराज खारीवाल, सुरेश सुराणा, ललित पगारिया, प्रकाशचंद खारीवाल, सोहनराज कोरीमुथा आदि मौजूद थे।
सोजत | जैन बड़ा स्थानक से समिति के लिए विहार करते संत। फोटो|भास्कर
भास्कर न्यूज | सोजत
शहर के स्थानकवासी जैन गुरु सेवा समिति में सोमवार से शुरू हो रहे मिश्रीमल मसा का दीक्षा शताब्दी व जैन संत रूपचंद मसा की दीक्षा हीरक जयंती व अक्षय तृतीया पारणा महोत्सव के लिए जैन संतों व महासतियों का मंगलप्रवेश रविवार को हुआ। विहार के दौरान भगवान महावीर स्वामी के जयकारे गूंजते रहे। कोट का मोहल्ला स्थित जैन बड़ा स्थानक में एक अप्रैल को उपप्रवर्तक सुकन मुनि मसा, अमृत मुनि, महेश मुनि, नानेश मुनि, हितेश मुनि, मुकेश मुनि, वरूण मुनि आदि ठाणा संतों ने नगर प्रवेश किया था। चार दिन पूर्व युवाचार्य महेंद्र ऋषि मसा भी इंदौर से प्रवास कर संत मंडली के साथ स्थानक पहुंचे थे। यहां पर पिछले 14 दिनों से प्रतिदिन सामयिक के साथ सुबह व्याख्यान होते रहे। रविवार को आयोजन में भाग लेने के लिए संतों का बधावणा करने के लिए समाजबंधु पहुंचे। इस दौरान संत मंडली मुख्य बाजार, धानमंडी, सब्जी मंडी, राजपोल गेट, मरूधर केसरी रोड होते जैन गुरु सेवा समिति पहुंची। जहां पर समिति के अध्यक्ष नवर|मल सांखला, सहमंत्री मगराज धोका, समारोह उपाध्यक्ष नवर|मल गुंदेचा, समाजसेवी नेमीचंद धोका ने संतों की अगुवानी की। इसके बाद सभी गुरु भगवंतों ने गुरुदेव मिश्रीमल मसा के अस्थिकलश स्थल का दर्शन कर उन्हें आदरांजलि अर्पित की। इसके बाद अहिंसा पीठ में सुबह धार्मिक प्रवचन हुए। इस दौरान संतों के साथ वयोवृद्घ रमीला कंवर, कुसुमलता, राजराजेश्वरी, जयमाला, कमलप्रभा, उमराव कंवर, इंदूप्रभा, डॉ चेतना, कंचनकंवर, डॉ. सुशीला ने भी अपने विचार प्रकट किए। इस मौके मोहनराज अखावत, बाबूलाल बोहरा, भंवरलाल गांधी, माणकचंद ओस्तवाल, भंवरलाल भंडारी, रामलाल श्रीश्रीमाल, प्रकाशचंद बोहरा, गौतमचंद धोका, जसवंतराज खारीवाल, सुरेश सुराणा, ललित पगारिया, प्रकाशचंद खारीवाल, सोहनराज कोरीमुथा आदि मौजूद थे।