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सोजत में दीक्षा जयंती पर वर्षीतप पारणा करने वाले तपस्वियों को दी जाने वाली घड़ी का हुआ विमोचन
स्थानीय जैन बड़ा स्थानक में शुक्रवार को जैन संतो की पावन निश्रा में शहर में 16 से 18 अप्रैल के बीच आयोजित होने वाले गुरूदेव मरुधर केसरी मिश्रीमल जी मसा की 100 वी दीक्षा जयंती व वरिष्ठ प्रवर्तक रूपचंद जी मसा के 75 वी दीक्षा जयंती के साथ अक्षय तृतीया पारणा महोत्सव के तहत वर्षीतप पारणा करने वाले तपस्वियों के तपस्या की अनुमोदनार्थ व उनके सम्मान के लिए जीवन के अमूल्य समय के महत्व को समझ कर तप करने वाले इन लोगों को दी जाने वाली घड़ी का समारोह पूर्वक विमोचन किया गया। इस भेंट के लाभार्थी महावीरचंद पुष्पादेवी लुंकड़ बैंगलोर रहे।
इस मौके संत युवाचार्य महेन्द्र ऋषि मसा ने कहा कि संत के मुख से ज्ञान वाणी को सुनना आेर एक साथ इतने मुनियों का समागम अपने आप में सोजत के लिए भाग्य की बात हैं आेर इस बार आयोजित होनेे वाले अक्षय तृतीया पारणा महोत्सव अपने आप में अनूठा होगा। जिसमें 500 से ज्यादा जैन मुनि व साध्वियों के साथ श्रावक-श्राविकाएं वर्षीतप का पारणा करेगी। इस दृश्य को देखने वाला भी अत्यन्त ही सौभाग्यशाली हैं। इस मौके तपस्वीर| अमृत मुनि ने कहा कि महावीर ने जीवन पर्यन्त हरेक व्यक्ति को त्याग आेर संयम का संदेश देते हुए हमेशा पीडि़त मानवता के लिए दान देने का संदेश दिया। इसलिए आज जैन धर्मावलंबियों का यह कर्तव्य हैं कि वे उनके बताए मार्ग पर चलते हुए सामयिक आेर साधना से अपने आपको मोक्ष की आेर ले जाए। धर्म सभा में महेश मुनि, नानेश मुनि, हितेश मुनि, मुकेश मुनि, वरूण मुनि ने भी अपने विचार प्रकट किए। इस मौके में मोहनराज अखावत, बाबूलाल बोहरा, भंवरलाल गांधी, माणकचंद आेस्तवाल, भंवरलाल भंडारी, रामलाल श्रीश्रीमाल, प्रकाशचंद बोहरा, गौतमचंद धोका, जसवन्तराज खारीवाल, सुरेश सुराणा, ललित पगारिया, प्रकाशचंद खारीवाल, सोहनराज कोरी मुथा, उगमराज बलाई, पदमचंद धोका, प्रवीण बोहरा, प्रवीण धोका सहित बड़ी संख्या में जैन श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित थी।
सोजत | जैन बड़ा स्थानक में घड़ी का विमोचन करते संत व अतिथि।