13 दिनों से नगर निगम सफाई कर्मियों के हड़ताल पर जाने के कारण शहर में लग रहे कूड़े के ढेर अब स्वच्छता अभियान चलाकर उठा लिए गए हैं। मुख्यमंत्री के सलाहकार राजीव जैन और डीसी विनय सिंह के प्रयासों से सड़कों पर सफाई शुरू हुई। सामाजिक संगठनों के साथ शहर के नागरिकों ने भी भागीदारी दी। सोमवार को शहर के तीन हिस्से में अलग-अलग टीमों को तैनात किया गया। ताकि भीड़ बटोरने की बजाय जमीनी स्तर पर सफाई का कार्य किया जा सके। सुबह साढ़े पांच बजे से इन टीमों ने निश्चित स्थानों से सफाई शुरू किया और 11 बजे तक शहर को साफ कर दिया। सफाई में करीब साढ़े चार सौ टन कूड़ा निकला, इसे निर्धारित प्वाइंट पर ट्रैक्टर ट्राॅलियों के माध्यम से डंप किया गया।
कच्चे क्वार्टर में हड़तालियों ने विरोध पर रोकी सफाई
सुभाष चौक से सुबह के समय जब राजीव जैन और सहयोगी सफाई करते हुए कच्चे क्वार्टर पहुंचे तो वहां पर कुछ सफाई कर्मी पहुंच गए। सफाई कर्मियों ने सफाई का विरोध किया ताे टीम वापस सुभाष चौक की तरफ लौट गई। इसके बाद एटलस रोड की सफाई करते हुए ओल्ड डीसी रोड से जीवन नगर और दीपक मंदिर के रास्ते मामा भांजा चौक और सिविल अस्पताल तक सफाई अभियान चलाया गया।
सोनीपत . शहर से कचरे का उठान करते हुए भाजपा के राजीव जैन व अन्य सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता।
तीन टीमों ने की सफाई
रविवार शाम को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में ही सोमवार की सुबह सफाई का खाका तैयार कर लिया गया था। इसके तहत एक टीम गोहाना रोड इलाके के सेक्टर-23 आदि इलाकों में सफाई की गई। दूसरी टीम मुरथल रोड से मुरथल अड्डा होते हुए बस अड्डा से मामा भांजा तक की सफाई की। तीसरी टीम का नेतृत्व स्वयं जैन ने किया था।
450 टन कचरा मुरथल पहुंचाया
शहर में कई दिनों से सफाई नहीं होने के कारण कुछ हिस्से में तो कचरे का पहाड़ लग गया था। सोमवार को पूरे शहर से करीब साढ़े चार सौ टन कचरा का उठान किया गया। इससे शहर की सड़कें काफी साफ-सुथरी नजर आने लगी। सभी हिस्सों में सफाई होने के कारण फैल रही बदबू से लोगों को बहुत मुश्किल हो रही थी। शहर भी बहुत अव्यवस्थित लगने लगा था। साफ-सफाई होने के बाद लोगों को कुछ राहत जरूर मिल गई है।
गलियों में कूड़ा बना परेशानी
शहर की मुख्य सड़कों की सफाई तो कर दी गई। इससे सभी लोग संतुष्ट भी हैं, लेकिन गलियाें में अब भी जगह-जगह कूड़ा पड़ा हुआ है। जिसका उठान होना आवश्यक है। क्योंकि जो लोग मुख्य सड़कों से गुजरते हैं, वह रहते तो आखिरकार गलियों में ही हैं। इस वजह से अब गलियों से कूड़े का उठान परेशानी का सबब बनता जा रहा है। लोागों की मांग है कि गलियों के अंदर से भी सफाई होनी जरूरी है। ताकि पूरे शहर से कचरा निकाला जा सके।