एनएचएम कर्मचारियों ने एक बार फिर से हड़ताल की चेतावनी दी है। अपनी मांगों को लेकर हरियाणा एनएचएम कर्मचारी संघ की सोनीपत ईकाई ने सोमवार को सिविल सर्जन जसवंत पूनिया को ज्ञापन सौंपा। कर्मचारी नेता देवेंद्र डागर ने कहा कि सरकार एम्बुलेंस सेवा केंद्रीयकरण करना चाहती है, जबकि वे इसका लगातार विरोध कर रहे हैं।
इस बारे में पहले भी ज्ञापन सौंपा था। अब उन्होंने निर्णय लिया है कि यदि सरकार ने यह प्रक्रिया बंद नहीं की तो वे हड़ताल पर चले जाएंगे। डागर ने कहा कि उनकी कई अन्य मांगें भी हैं जो पूरी नहीं हुई हैं। ऐसे में वह पहले रोष प्रदर्शन करेंगे और फिर हड़ताल करेंगे। 22 मई 2018 को विरोध स्वरूप काले बिल्ले लगाकर काम करेंगे। 23 मई को कार्यस्थल पर हाजिरी लगाकर काम का बहिष्कार करेंगे। इसके बाद भी यदि सरकार उनकी मांगे नहीं मानती है तो वह 31 मई से दो दिन की हड़ताल पर चले जाएंगे। डागर ने मांग रखी कि रेफरल ट्रांसपोर्ट के केंद्रीयकरण के नाम पर आउटसोर्सिंग में धकेलने की कार्रवाई तुरंत प्रभाव से रोकी जाए, इसके साथ जितने भी ड्राइवर आउटसोर्स के तहत रखे गए हैं उन्हें एनएचएम में शामिल किया जाए।