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एलटीवी के लिए अब काॅमर्शियल लाइसेंस की जरूरत नहीं

3 वर्ष पहले
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परिवहन विभाग के मोटर ट्रेनिंग स्कूल मुरथल और आरटीए कार्यालयों में आने वाले दिनों में भीड़ कम हो सकती है। लोगों के पास सामान्य तौर पर प्राइवेट लाइसेंस होता है, लेकिन आजीविका के लिए जब उन्हें काॅमर्शियल वेहिकल चलाना होता है तो काॅमर्शियल लाइसेंस लेना होता है। इसके लिए बकायदा प्रक्रिया फॉलों करना पड़ता है। इससे लोगों का समय भी खराब होता है और पैसा भी अधिक खर्च होता है।

वहीं ट्रेनिंग स्कूल और आरटीए कर्मियों को इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया अपना कर ट्रेनिंग और लाइसेंस जारी करना होता है। अब जिसके पास प्राइवेट लाइसेंस है वह आराम से टैक्सी, जीप और ट्रैक्टर व्यवसायिक रुप से चलाने के लिए वैध होगा। इसके लिए अलग से लाइसेंस लेने की जरूरत नहीं है।

पिछले दिनों देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सेम नेचर के 7500 किलोग्राम वजन तक के वाहनों को सामान्य श्रेणी में रखते हुए इसके लिए आवश्यक काॅमर्शियल लाइसेंस की अनिवार्यता खत्म कर दी है।

हालांकि आरटीए कार्यालय के कर्मी और ट्रेनिंग स्कूल मुरथल के कर्मचारियों की समझ में नहीं आ रहा है कि योजना को लागू किस तरह से किया जाए। क्योंकि अभी तक सिर्फ कोर्ट का आदेश ही आया है, संबंधित विभाग से कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं किया गया है।

प्राइवेट लाइसेंस मान्य

आरटीए कार्यालय के कर्मियों ने उच्च अधिकारियों से मांगा परामर्श, सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका की सुनवाई करते हुए सुनाया था फैसला

सरकारी नौकरी में भी मिलेगा लाभ

किसी सरकारी विभाग में चालक की भर्ती निकलने पर उक्त विभाग द्वारा एलटीवी (लाइट ट्रांसपोर्ट वेहिकल) का लाइसेंस मांगा जाता है। ऐसे में बड़ी संख्या में लोग लाइसेेंस नहीं होने के कारण लाभ से वंचित रह जाते हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद वह सभी लोग ऐसी नौकरियों के लिए पात्र होंगे, जिनके पास कार चलाने का लाइसेंस होगा।

यह तय किया गया मानक

अगर आपने निजी कार का लाइसेंस बनवाया है, उसमें बाइक और ट्रैक्टर पहले चढ़वाया है तो आप उसी कैटेगरी में काॅमर्शियल वाहन चला सकते हैं। यानि कि अगर कार का लाइसेंस है तो लाइट ट्रांसपोर्ट वेहिकल चला सकता है। बाइक चढ़ी है तो काॅमर्शियल बाइक राइड कर सकता है। वहीं अगर अगर निजी ऑटोरिक्शा दर्ज है तो काॅमर्शियल ऑटो रिक्शा व ई-रिक्शा चला सकता है। यानि कि आपके लाइसेंस में जो वाहन चढ़ाया गया है, वह आप चला सकते हैं।

बड़े वाहनों के लिए लागू रहेगी व्यवस्था

आरटीए के ट्रांसपोर्ट इंस्पेक्टर सचिन हुड्‌डा ने बताया कि काॅमर्शियल लाइसेंस की अनिवार्यता बस, ट्रक व हाइवा आदि पर बरकरार है। हैवी वाहनों के लिए काॅमर्शियल लाइसेंस की अनिवार्यता रहेगी। जबकि लाइट मोटर वेहिकल के लिए छूट प्रदान की गई है। इससे बहुत राहत मिलेगी।

हर कार्य दिवस में 100 से अधिक फाइल आती है

आरटीए कार्यालय में एलटीवी के लिए हर कार्य दिवस में करीब 100 से अधिक फाइलें आती है। जिसके लिए आरटीए कार्यालय की खिड़की पर लाइन लगी रहती है। बेरोजगारी के दौर में युवाओं को सबसे आसान कार्य ड्राइविंग लगती है, जिसके लिए ऑटो व टैक्सी का कामर्शियल लाइसेंस बनवाते हैं। इस छूट के बाद यह लाइन पूरी तरह से खत्म हो जाएगी। जिससे आरटीए के कर्मियों को भी राहत मिलेगी।

जिले में 10 हजार से अधिक लाइसेंस : आरटीए कार्यालय सोनीपत द्वारा 10 हजार से अधिक एलटीवी लाइसेंस जारी किया गया है। जो विभिन्न स्थानों पर ऑटो रिक्शा और टैक्सी चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। इन सभी लोगों को हर पांच साल में रिन्यू कराना होता है। नई व्यवस्था के बाद निजी लाइसेंस 20 साल तक के लिए बनवाया जा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा कोई भी फैसला बहुत विचार-विमर्श के बाद किया जाता है। इस आदेश से बड़ी संख्या में लोगों को राहत मिलेगी। इससे आरटीए का काम भी कम होगा। बड़ी संख्या में लोगों को लाभ मिलेगा।’-आमना तसनीम, एडीसी सोनीपत।

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