सोनीपत . विकास हुड्डा के साथ कोच व अन्य।
भास्कर न्यूज | सोनीपत
कई सालों तक भारतीय मुक्केबाजी फेडरेशन पर बैन लगा था तब जब सोनीपत साई सेंटर में अभ्यास करने वाले विकास सिंह हुड्डा को यूं लगा था कि फेडरेशन के साथ उसका करियर भी डूब जाएगा,लेकिन इसी दौरान उसने प्रोफेशनल मुक्केबाजी में कदम रखा और अपने मुक्के के दम पर आज वह न केवल भारत बल्कि एशिया का नंबर एक मुक्केबाज बन गया है,यही नहीं ओलंपिक में देश के लिए मेडल जीतने का उसका सपना भी अभी जिंदा है। क्योंकि बदले नियमों में प्रोफेशनल मुक्केबाजी में भी अब ओलंपिक क्वालीफाई खेलने का अवसर मिलेगा। मुक्केबाजी कोच महावीर सिंह की देखरेख में अभ्यास करने वाले विकास का कहना है कि उनका लक्ष्य देश के लिए ओलंपिक मेडल जीतने का है।
यूं बिखेरी से विकास ने चमक : जूनियर एवं सीनियर मुक्केबाजी चैंपियनशिप में राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता बनने के बाद विकास को करियर की सबसे बड़ी कामयाबी साल 2015 में डब्ल्यूबीसी के इंडिया में पहले ही प्रतियोगिता में छह बार के नाकआउट रिकाॅर्ड वाले गुरुलाल सिंह को नाकआउट किया। इसके बाद अब हाल ही में डब्ल्यूबीसी एशिया चैंपियनशिप में नंबर एक मुक्केबाज बने। इस बाबत प्रोफेशनल मुक्केबाजी इंडिया की ओर से महासचिव जय सिंह ने प्रमाण पत्र दिया।