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पिता काे मलाल: बेटे से चूक हुई, नहीं तो गोल्ड आता मां को गर्व: 18 साल का ही तो है, अभी कांस्य ही सही

3 वर्ष पहले
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ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स-2018 में जींद जिले के शादीपुर गांव के दीपक लाठर ने कांस्य पदक जीता है। दीपक के मुकाबले को देखने के लिए उसके परिजन शुक्रवार सुबह से टीवी के पास बैठे थे। जब मुकाबला शुरू हुआ तो पूरे परिवार की सांसें अटकी हुई थी।

परिणाम आया तो परिजनों के अलावा पूरे गांव के लोगों ने उनके घर एकत्रित होकर खुशी मनाई। वहीं गोल्ड की आस लगाए बैठे दीपक के पिता बिजेंद्र लाठर को उसके कांस्य पदक जीतने पर थोड़ा मलाल हुआ है। बिजेंद्र ने कहा कि बेटा आखिरी राउंड में थोड़ा सा लिफ्ट करने में चूक गया नहीं तो गोल्ड आता। उन्हें तो पूरा यकीन था कि वह गोल्ड लेकर आएगा। फिर भी वह बेटे द्वारा जीते गए कांस्य पदक पर खुश हैं।

वहीं दीपक की मां राजबाला देवी का कहना है कि अभी उसके बेटे की उम्र ही क्या हुई है। 18 साल का ही तो है। कांस्य पदक जीता है फिलहाल तो यही सही है, क्योंकि उसका यह पहला मुकाबला था। आगे बहुत समय है और उसका बेटा देश के लिए एक-दो नहीं गोल्ड मेडल लेकर आएगा। उसके मुकाबले में जो खिलाड़ी थे, उनकी तो काफी उम्र थी। उसका बेटा ही उन सबसे छोटा लग रहा था। दीपक की 70 वर्षीय दादी माया देवी व छोटा भाई मोनू भी दीपक को मिले कांस्य पदक पर काफी खुश हैं।

राष्ट्रमंडल खेलों में रहेगा मिशन गोल्ड, भारतीय पहलवान हुए रवाना
सोनीपत |इस बार सिर्फ मेडल नहीं गोल्ड मेडल जीतना है। भारतीय दल की सबसे बड़ी ताकत जहां दो बार के ओलिंपिक पदक विजेता सुशील कुमार एवं बजरंग पुनिया और महिला वर्ग में ओलिंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक, पिछली बार की चैंपियन बबीता फौगाट रहेंगी। हालांकि दोनों ही वर्ग के प्रशिक्षकों का मानना है कि हर वर्ग में हर पहलवान इस बार गोल्ड का दावेदार के रूप में भाग लेगा। पिछली बार की गोल्ड मेडलिस्ट विनेश फौगाट अपनी चोट से उभर आई है। अभ्यास के दौरान उन्हें अपर एबडजमेन में चोट लगी थी, अब फिट घोषित किया गया।

जुलाना | शादीपूर गांव में दीपक लाठर के मेडल जीतने पर नाचकर खुशी मनाती महिलाएं।

यह है भारतीय रेसलर्स का पूरा शेड्यूल
तारीख समय कैटेगरी नाम

12 अप्रैल 2018 05:00 पुरुष 57 किलो राहुल अवारे

12 अप्रैल 2018 05:00 पुरुष 74 किलो सुशील कुमार

12 अप्रैल 2018 05:00 महिला 53 किलो बबिता कुमारी

12 अप्रैल 2018 05:00 महिला 75 किलो किरण

12 अप्रैल 2018 12:00 पुरुष 57 किलो फाइनल

12 अप्रैल 2018 12:00 पुरुष 74 किलो फाइनल

12 अप्रैल 2018 12:00 महिला 53 किलो फाइनल

12 अप्रैल 2018 12:00 महिला 75 किलो फाइनल

13 अप्रैल 2018 05:00 पुरुष 65 किलो बजरंग

13 अप्रैल 2018 05:00 पुरुष 97 किलो मौसम खत्री

13 अप्रैल 2018 05:00 महिला 58 किलो पूजा ढांडा

13 अप्रैल 2018 05:00 महिला 69 किलो दिव्या काकरान

तारीख समय कैटेगरी नाम

13 अप्रैल 2018 11:30 पुरुष 65 किलो

13 अप्रैल 2018 11:30 पुरुष 97 किलो

13 अप्रैल 2018 11:30 महिला 58 किलो

13 अप्रैल 2018 11:30 महिला 69 किलो

14 अप्रैल 2018 05:00 पुरुष 86 किलो सोमवीर

14 अप्रैल 2018 05:00 पुरुष 125 किलो सुमित

14 अप्रैल 2018 05:00 महिला 63 किलो साक्षी मलिक

14 अप्रैल 2018 05:00 महिला 48 किलो विनेश फोगाट

14 अप्रैल 2018 11:30 पुरुष 86 किलो

14 अप्रैल 2018 11:30 पुरुष 125 किलो

14 अप्रैल 2018 11:30 महिला 63 किलो

14 अप्रैल 2018 11:30 महिला 48 किलो

गाय का घी है पसंद,

सुबह उठता है जल्दी
दीपक के माता-पिता ने बताया कि बचपन से ही दीपक काफी मेहनती है। महज 5 साल की उम्र में ही वह सुबह उठकर घर से बाहर खेतों में दौड़ने के लिए जाता था। अब भी वह सुबह काफी जल्दी उठ लेता है। इसके बाद दौड़ लगता है और अन्य व्यायाम करता है। खाने में उसे दाल-रोटी, चूरमा व गाय का घी पसंद है। अब भी जब वह आस्ट्रेलिया के लिए रवाना हुआ तो चूरमा व गाय का 2 किलो देशी घी साथ लेकर गया था।

देसी घी नेे ऑस्ट्रेलिया में दिखाया कमाल
दीपक की माता राजबाला ने कहा कि दीपक को देसी घी का बना हुआ चूरमा बहुत पसंद है। जब वह ऑस्ट्रेलिया गया था तो अपने साथ देसी घी से बना चूरमा और गाय का घी साथ लेकर गया था। दीपक जब घर से गया तो अपनी मां को कहा था कि वो ऑस्ट्रेलिया में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल जीतेगा। इसी उम्मीद पर वह खरा भी उतरा है। परिजनों को उम्मीद है कि दीपक ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन करने का काम करेगा।

ये उपलब्धियां : 2015 में पुणे में आयोजित नेशनल कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में 62 किलोग्राम भार वर्ग में तीनों वर्गों में सबसे ज्यादा वजन उठाने का रिकॉर्ड बनाया था। 2017 में दक्षिण कोरिया में आयोजित एशिया कप में 69 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक जीता था। 2017 में ही आस्ट्रेलिया में आयोजित चैंपियनशिप में 69 किलो भार वर्ग में यूथ और जूनियर में कांस्य और सीनियर में गोल्ड जीतने का काम किया था।

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