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14 बिल्डर ने वैध काॅलोनी के लिए लाइसेंस मांगा, 200 एकड़ जमीन के दस्तावेज जमा किए

3 वर्ष पहले
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माध्यम वर्ग के लिए अच्छी खबर है। शहर के पास वैध काॅलोनी में छोटा आशियाना बनाने का सपना अब साकार होगा। हाई पोटेंशियल जोन में वैध काॅलोनी बसाने की जो शर्त सरकार ने बदली है उसके तहत अब 14 प्रॉपर्टी डीलर ने दीनदायाल जन आवास योजना के तहत 5 से 15 एकड़ जमीन पर वैध काॅलोनी बसाने का डीटीपी से लाइसेंस मांगा है। करीब 200 एकड़ जमीन पर वैध कालोनी बसाने के दस्तावेज इन बिल्डर ने अलग-अलग जमा किए हैं। लाइसेंस के लिए आवेदन आने के बाद डीटीपी ने भी इनकी साइट का निरीक्षण करने के साथ फाइलों पर काम शुरू कर दिया है। जिन बिल्डर ने पांच से 15 एकड़ जमीन पर वैध कालोनी बसाने का लाइसेंस मांगा है उनकी जमीन की साइट प्राइवेट सेक्टर के साथ है। यह साइट मुरथल, जीटी रोड राई, सेक्टर-15 व राठधाना के पास बताई गई है। ऐसे में लोकेशन बेहतर है और यहां लोगों को कम रेट पर छोटे साइज के प्लाट खरीदने के लिए मिल सकेंगे। सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि लोग सरकार से अप्रूव्ड कॉलोनी में फ्लैट या प्लॉट खरीद सकेंगे। जिसमें धोखाधड़ी नहीं हो सकेगी।

12 साल से शहर के आसपास नहीं बसी वैध काॅलोनी, इसलिए 20 अवैध काॅलोनी बस गईं
सोनीपत का शहर।

शहर में 42 अवैध काॅलोनी
शहर के पास वैध कालोनी लंबे समय से प्लान करके बसाई ही नहीं गई। जिसके चलते रोजगार के चलते शहर आने वाले लोग या तो किराये पर रह रहे हैं या फिर अवैध कालोनी में प्लाट खरीदने पर मजबूर है। इसका कारण वैध कालोनी में जमीन के रेट ज्यादा हैं जो मध्यमवर्ग के बजट से बाहर है। अवैध कालोनी में प्लाट लेकर लोग परेशान हैं। क्योंकि यहां सीवर, पेयजल, बिजली, सड़कों की समस्या है। कभी पानी नहीं आता तो कभी सीवर का पानी गली में बहना। इसके साथ काफी लोगों तक जनस्वास्थ्य विभाग की पेयजल सप्लाई व सीवर सुविधा भी नहीं पहुंच पाई है। शहर में हाल में करीब 42 अवैध कालोनी हैं। जिनमें करीब एक लाख लोग रह रहे हैं।

ये शर्तें करनी होगी बिल्डर को वैध काॅलोनी के लिए पूरी

वैध कालोनी बसाने के लिए जमीन की साइट रिहायशी जोन में होनी चाहिए, योजना के तहत यदि कोई बिल्डर वैध कालोनी बसाने का लाइसेंस लेना चाहता है तो उसके पास जमीन पांच से 15 एकड़ होनी चाहिए। शर्त के अनुसार न पांच एकड़ से कम न पांच एकड़ से ज्यादा। इसके लिए आवेदन चंडीगढ़ डायरेक्टर डीटीपी को करना होगा। जबकि फाइलों की जांच व जमीन की जांच व स्थानीय स्तर पर डीटीपी करेगा। योजना के मापदंड को जो लोग पूरा करेंगे उन्हें ही लाइसेंस दिया जाएगा। जिले में गत वर्ष तक यह योजना गन्नौर, खरखौदा, गोहाना में मीडियम व लो हाईपोटेंशियल जोन में ही लागू थी। जबकि अब इसे सरकार ने हाई हाईपोटेंशियल जोन में भी शामिल कर दिया है।

यह सुविधाएं मिलेंगी वैध काॅलोनी में
डीलर को काॅलोनी में सड़क नौ मीटर तक की छोड़नी होंगी। जबकि सबसे बड़ा प्लाट 150 गज का होगा। 200 गज साइज से ऊपर प्लाट नहीं काट सकता। प्लाट , 75, 100 व 150 वर्ग गज के होंगे। एक व्यक्ति 2 प्लाट से ज्यादा नहीं ले सकता। यह प्लाट एक साथ मिलाकर उन पर निर्माण नहीं किया जा सकेगा। काॅलोनी का 61 % हिस्सा आवासीय, 4 % हिस्सा कमर्शियल के लिए इस्तेमाल करना होगा।

भास्कर ने प्रमुखता से उठाया था मामला : सोनीपत शहर के पास दीनदयाल जन आवास योजना लागू नहीं थी। भास्कर ने लोगों की मांग को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद सरकार ने संज्ञान लिया, और हाई पोटेंशियल जोन में भी वैध कालोनी बसाने की मांग पूरी की।

लाइसेंस फाइल मंजूरी के लिए चंडीगढ़ भेजी

शहर के पास 14 प्रोपर्टी डीलर ने पांच से 15 एकड़ जमीन पर दीनदयाल जन अावास योजना के तहत वैध कालोनी बसाने का लाइसेंस मांगा है। जमीन की जांच के बाद अब लाइसेंस फाइल मंजूरी के लिए चंडीगढ़ भेजी जाएगी। लाइसेंस मिलते ही बिल्डर वैध कालोनी बसाने का काम शुरू कर सकेंगे।’-धीरेंद्र, इंचार्ज, डीटीपी सोनीपत।

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