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राजेंद्र सिंह दहिया बने बार एसोसिएशन के 43वें प्रधान, अनूप सिंह दहिया को 29 वोटों से हराया

3 वर्ष पहले
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सोनीपत बार एसोसिएशन का शुक्रवार को चुनाव हुआ। देर शाम को जब नतीजे आए तो परिणाम रोचक रहे। वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र सिंह दहिया ने काटे के मुकाबले में दो बार प्रधान रह चुके अनूप सिंह दहिया को 29 वोटों से हरा दिया। जबकि बार एसोसिएशन की अन्य टीम बिल्कुल नई है। प्रधान को छोड़कर कोई पुराना चेहरा नहीं है। उपप्रधान नरेंद्र सिंह मलिक और सचिव जोगेंद्र सिंह कुहाड़ चुने गए। इन दोनों पदों पर मुकाबला एकतरफा रहा। कोषाध्यक्ष व सहसचिव को पहले ही निर्विरोध चुना जा चुका है।

प्रधान, उपप्रधान व सचिव ने जीत के बाद अपने साथी वकीलों के साथ जमकर जश्न मनाया। प्रधान पद पर री-काउंटिंग भी हुई, लेकिन जीत राजेंद्र सिंह दहिया ने ही दर्ज की।

परिणाम आने से पहले खूब हुई हूटिंग, लेकिन फिर शांति : बार एसोसिएशन के हाॅल के सामने काफी वकील बैठे थे। एक तरफ परिणाम आने से पहले जमकर हूटिंग हुई। लेकिन जैसे-जैसे समय बीता और परिणाम आने शुरू हुए तो यहां माहौल शांत होता चला गया। हूटिंग करने वाले खेमे की हार हुई।

दो पूर्व सांसद भी पहुंचे वोट डालने : बार एसोसिएशन में वोट डालने के लिए कई वरिष्ठ वकील जो 1974 से प्रेक्टिस में हैं वह भी वोट डालने पहुंचे। इसके साथ दो पूर्व सांसद जितेंद्र मलिक व धर्मपाल सिंह मलिक भी वोट डालने पहुंचे। इसके साथ वरिष्ठ वकील अजीत सिंह व चंद्रसिंह राठी ने भी वाेट डाला। उन्होंने कहा वकीलों को एकजुट रहना चाहिए। तभी बार का विकास होगा।

जिला बार एसोसिएशन चुनाव
सोनीपत . राजेंद्र सिंह दहिया को प्रधान बनने पर कंधों पर उठाकर जश्न मानते साथी वकील।

वर्ष 2007 से प्रेक्टिस में हूं
मैं 2007 से प्रेक्टिस में हूं। मैंने बीए एलएलबी व एलएलएम की शिक्षा प्राप्त की है। मैं गांव सरगथल का रहने वाला हूं। भाईचारे ने मुझे उपप्रधान बनाया है। अब भाईचारे के लिए ही काम करना मेरी प्राथमिकता रहेगी।’-नरेंद्र मलिक, उपप्रधान बार एसोसिएशन सोनीपत।

बार की भलाई के लिए कार्य करूंगा
बीए व एलएलबी की पढ़ाई की है। वकालत करते ज्यादा समय नहीं हुआ है। नए अनुभव के साथ चुनाव लड़ा। बार के लिए बेहतर करने का प्रयास करता रहूंगा।’-विवेक त्यागी, कोषाध्यक्ष, बार एसोसिएशन।

यूं दी विजेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया
प्रधान को छोड़कर नई कार्यकारिणी, कोई पुराना चेहरा नहीं वेलफेयर के लिए काम करना रहेगी प्राथमिकता
वकीलों के हित में कार्य करूंगा
मैं 2006 से प्रेक्टिस में हूं। वरिष्ठ व युवा साथियों का हमेशा सहयोग मिला है। मैंने एलएलबी व एमबीए की शिक्षा प्राप्त की है। हाल में मैं शास्त्री काॅलोनी में रह रहा हूं, मूल गांव बड़वासनी है। अब साथी वकीलों के हित के लिए काम करना मेरा उद्देश्य है।’-जोगेंद्र कुहाड़, सचिव बार एसोसिएशन सोनीपत।

आपसी भाईचारे का मिला सहयोग
सभी भाईचारे से रहे, वेलफेयर के कार्य बार में लगातार होते रहें, यही मेरा प्रयास रहेगा। वरिष्ठ वकीलों का सम्मान व साथी वकीलों का सहयोग करता रहूंगा।’-संदीप खर्ब, सह सचिव, जिला बार एसोसिएशन।

इमरजेंसी में गया था जेल, जिम्मेदारी से काम करूंगा
मैं एमरजेंसी के समय जेल गया। जेल से बाहर आने पर 1984 में वह प्रेक्टिस में आए। साथी वकीलों के मैं हमेशा साथ रहा हूं। अब जो जिम्मेदारी दी है उसके अनुसार काम करूंगा। वकीलों के वेलफेयर के लिए काम करना प्राथमिकता रहेगी। बार व बेंच के मधुर संबंध बनाए जाएंगे। मैंने डबल एमए व एलएलबी आॅनर्स से की है। हाल में सेक्टर-23 में मकान नंबर 572 में रह रहा हूं। 1990-91 में वह 40 साल का प्रधान बना था। जबकि 1986 में बार का सचिव भी रहा।’-राजेंद्र सिंह दहिया, प्रधान बार एसोसिएशन सोनीपत।

गिनती के समय गेट पर हंगामा, आपस में उलझे
बार एसोसिएशन हॉल के अंदर जब गिनती की जा रही थी तो गेट के बाहर जमकर हंगामा हुआ। एक वकील के साथ बाहर का कोई शख्स उलझ गया। बात हाथापाई तक पहुंच गई। तभी पुलिस ने बीच-बचाव किया। बार हाॅल में जहां वोटों की गिनती हो रही थी वहां वकीलों की भीड़ जमा हो गई, कई वरिष्ठ वकीलों ने इस घटना पर आपत्ति जताई। हालांकि इसके बाद मामला शांत हो गया। परंतु इसके बाद भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। गेट से सभी को हटाया गया।

सोनीपत बार चुनाव के इतिहास पर एक नजर
सोनीपत बार एसोसिएशन का पहला चुनाव 1975 में हुआ था, उस समय राजसिंह प्रधान बने थे। 1977 तक प्रधान रहे। इसके बाद वह फिर से प्रधान बने और 1978 तक प्रधान रहे। इसके बाद चंद्रभान छिक्कारा लगातार दो बार प्रधान रहे। 1980 में आरके सपरा प्रधान बने। इसके बाद रिजक राम प्रधान बने। इसके बाद नवल सिंह लगातार तीन बार प्रधान बने।

मुकेश कौशिक को मिली बार एसो. की कमान
गन्नौर | शुक्रवार को गन्नौर बार एसोसिएशन का चुनाव बार परिसर में निर्वाचन अधिकारी एडवोकेट रामफुल त्यागी की देखरेख में हुआ। बार के प्रधान पद के लिए मुकेश कौशिक अध्यक्ष चुने गए। मुकेश कौशिक को 64 वोट व उनके विपक्ष के राममेहर पंघाल को 57 वोट मिले। कुल 123 सदस्यों ने मतदान किया। उनमें दो वोट कैंसिल हो गए। सचिव पद के लिए अरूण पहल चुने गए जबकि उनके विपक्षी एडवोकेट सुंदर को 55 वोट मिले। बार का चुनाव प्रधान व सचिव पद के लिए हुआ। इससे पहले सर्वसम्मति से उपप्रधान राजीव, सहसचिव विशाल, कोषाध्यक्ष दीपक को चुना गया। मुकेश कौशिक को अध्यक्ष बनाए जाने पर वकीलों ने खुशी मनाई।

मुकेश कौशिक

10 वोटों से सुरेश दहिया बने बार प्रधान
खरखौदा| तहसील कार्यालय में खरखौदा बार एसोसिएशन का चुनाव कराया गया। रिटर्निंग अधिकारी जगमोहन पाराशर व एआरओ अनिल धनखड़ ने चुनाव प्रक्रिया सम्पन्न कराई। चुनाव में कुल 29 मतदाताओं में से कुल 28 मतदाताओं ने मतदान किया। बार एसोसिएशन के सभी पांच पदों में से चार पदों पर पहले ही सर्वसम्मति बन चुकी थी, केवल प्रधान पद के लिए चुनाव कराया गया। जिसकी वोटिंग सुबह 10 बजे शुरू की गई। चुनाव में कुल 28 मत डाले गए, जिनमें से सुरेश दहिया को कुल 19 वोट मिले जबकि कमल शर्मा को कुल 9 वोट मिले। जिसके चलते कमल शर्मा को 10 वोटों से हार का सामना करना पड़ा। चुनाव अधिकारी जगमोहन पाराशर ने बताया कि इससे पहले नवीन भोरिया को उप प्रधान, सुमित कौशिक को सचिव, इंद्रजीत गहलावत को सह सचिव व मोहित दहिया को खजांची सर्वसम्मति से नियुक्त किया जा चुका था।

सुरेश दहिया

इस प्रकार रहे चुनाव परिणाम
प्रधान राजेंद्र सिंह दहिया को कुल वोट 414 मिले। जबकि अनूप सिंह दहिया को 385 वोट।

उपप्रधान नरेंद्र मलिक को 301 वोट मिले। सतपाल को 172 वोट, नीरज मलिक को 145 वोट, बलजीत को 120 वोट, ब्रह्म सिंह दहिया को 48 वोट मिले।

सचिव जोंगेंद्र सिंह कुहाड़ को 300 वोट मिले। जितेंद्र भारद्वाज को 189 वोट, विनोद मलिक को 141, हिम्मत को 125 वोट, ज्योति को 39 वोट मिले।

एकतरफा मुकाबले में उपप्रधान नरेंद्र मलिक व सचिव बने जोगेंद्र कुहाड़
प्रधान पद पर री-काउंटिंग भी हुई,पर नहीं बदला परिणाम
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