सफाई कर्मचारियों की 10 दिन से हड़ताल जारी है। वहीं प्रशासन ने शनिवार अल सुबह से सफाई अभियान चलाने की तैयारी कर ली है। देर शाम पुलिस लाइन में इसके लिए ट्रैक्टर-ट्राॅलियों को खड़ा किया और अन्य जरूरी प्रबंध किए गए। हड़ताल के कारण शहर के अंदर कदम-कदम पर अब कचरे के ढेर हैं। इन ढेरों में करीब चार लाख पॉलीथिन हैं, जिन्हें अब लोग जला रहे हैं। कचरा जलाने से प्रदूषण की नई समस्या शहर में गहराने लगी है और अब लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ने लगा है। सीएम मनोहरलाल ने भी डीसी को सफाई व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए हैं।
विरोध कर सड़क पर आने वाले करीब 155 कर्मचारियों पर केस
गुरुवार शाम को रेस्ट हाउस के पास विरोध कर सड़क पर आने वाले 155 सफाई कर्मचारियों पर पुलिस ने सफाई निरीक्षक कृष्ण की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी रणवीर ने बताया कि सफाई कर्मचारियों पर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के तहत केस दर्ज किया है। इनकी वीडियो रिकॉर्डिंग की गई है, ताकि पहचान हाे सके।
सफाई कर्मचारी मांगों पर अडिग, जलाया मंत्री का पुतला : सफाई कर्मचारियों ने गुरुवार के बाद शुक्रवार को फिर से शहर में रोष प्रदर्शन किया और देवीलाल चौक पर कैबिनेट मंत्री कविता जैन का पुतला जलाया। सफाई कर्मचारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि वह एक-एक मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखेंगे। सरकार शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन करने वालों पर बल प्रयोग नहीं कर सकती। सरकार कच्चे कर्मचारियों को पक्का नहीं कर रही और न ही समान काम के बदले समान वेतन दे रही है। ऐसे में हड़ताल करना उनकी मजबूरी है। वह जनता का परेशान नहीं करना चाहते, लेकिन सरकार ने ऐसे नौबत बना दी कि उन्हें मजबूर वश आंदोलन को और तेज करना पड़ा।
प्रशासन ने शुक्रवार को फिर से मीटिंग की। डीसी शनिवार की सुबह पांच बजे शहर में पुलिस फोर्स के साथ सफाई करने उतरेंगे। इस दौरान शहर के सभी सामाजिक संगठन इस मुहिम में सहयोग करेंगे। जबकि डीआईजी सतेंद्र गुप्ता ने स्पष्ट कर दिया कि कानून तोड़ने वालों पर कोई नरमी नहीं की जाएगी। इन पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। सफाई अभियान में कोई बाधा न पहुंचें, इसके लिए अतिरिक्त पुलिस फोर्स का बंदोबस्त कर दिया है।