नई खेल नीति के तहत ग्रेडेशन सर्टिफिकेट पर रोक
अपने प्रदर्शन से जिले एवं प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को झटका लगा है। खेल विभाग ने स्पोर्ट्स कोटे के तहत प्रदेश के खिलाड़ियों के ग्रेडेशन सर्टिफिकेट बनाने पर रोक लगा दी है। इस संदर्भ में खेल निदेशालय की ओर से खेल अधिकारियों को सूचित कर दिया है। खेल विभाग के इस कदम से खिलाड़ी वर्ग परेशान है, क्योंकि जब तक नए सिरे से ग्रेडेशन सर्टिफिकेट नहीं बनते, तब तक कॉलेज एडमिशन व सरकारी नौकरियों के लिए अप्लाई करने वाले खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स कोटे का लाभ नहीं मिल पाएगा। वहीं इस संदर्भ में जिला खेल विभाग के अधिकारी का कहना है कि अगले सप्ताह से ग्रेडेशन सर्टिफिकेट बनाने का कार्य शुरू किया जाएगा।
न अधिकारी पहुंच रहा और न ही आवेदन रोहतक जा रहे
2015 से इस प्रकार चल रही है कवायद
साल 2015 से ग्रेडेशन सर्टिफिकेट के लिए मंडल स्तर पर जारी करने के आदेश थे। इसमें डिप्टी डायरेक्टर स्तर के अधिकारी खेल अधिकारियों की कमेटी के साथ मिलकर ग्रेडेशन सर्टिफिकेट जारी करते थे। साल 2015 तक ग्रेडेशन सर्टिफिकेट बनाने की अथॉरिटी पंचकूला स्थित खेल विभाग के मुख्यालय के पास थी। वर्ष 2015 में विभाग ने खिलाड़ियों को राहत देते हुए मंडल स्तर पर ग्रेडेशन सर्टिफिकेट बनाने के लिए रोहतक मंडल में डिप्टी डायरेक्टर अशोक सैनी, हिसार मंडल में जुगमिंदर सिंह, अंबाला मंडल में परमिंदर सिंह और गुड़गांव मंडल में अनीता तेवतिया को अधिकार दिए थे।
हाल के समय सोनीपत जोन में खिलाड़ियों के ग्रेडेशन कार्ड नहीं बन पा रहे हैं, क्योंकि यहां पर डिप्टी डायरेक्टर या अन्य कोई सक्षम अधिकारी नहीं पहुंच पा रहे थे और न ही यहां के आवेदन रोहतक भेजे जा रहे हैं। ऐसे में खिलाड़ियों को अपनी प्रोफाइल व प्रमाणपत्रों पर अपने जिला खेल अधिकारी के हस्ताक्षर व मोहर लगवाकर खुद पंचकूला स्थित खेल विभाग पहुंचना पड़ता है। वहीं, किसी प्रमाणपत्र या डॉक्यूमेंट्स में कोई कमी मिलती है तो वापस आकर कमी को पूरा कराया जाता और अगले दिन फिर से पंचकूला स्थित खेल विभाग पहुंचना पड़ता है।
काफी संख्या में खिलाड़ी बनाते हैं ग्रेडेशन सर्टिफिकेट : राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों की चूंकि सोनीपत में संख्या बहुत ज्यादा रहती है इसलिए काफी संख्या में खिलाड़ी स्कॉलरशिप,नौकरी एवं उच्च शिक्षा के लिए ग्रेडेशन सर्टिफिकेट बनवाते हैं । पिछले सालों में सोनीपत से करीब 230 खिलाड़ियों के प्रमाण पत्र तैयार हुए थे।