डिग्री कॉलेजों में दाखिला प्रक्रिया पांच जून से होगी शुरू
उच्चतर शिक्षा विभाग ने डिग्री कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र को लेकर घोषणा कर दी है कि 5 जून से दाखिलों को लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। चूंकि विद्यार्थियों को आवेदन ऑनलाइन होगा, ऐसे में कॉलेजों में नए शैक्षणिक सत्र 2018-19 के तहत ऑनलाइन एडमिशन प्रक्रिया को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसके लिए सभी कॉलेजों के नोडल अधिकारियों को 16 से 19 मई के दौरान प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें सोनीपत के कॉलेजों की ट्रेनिंग 17 मई को होगी।
इस वर्कशॉप में सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक सरकारी कॉलेजों के नोडल अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। दोपहर 2 बजे के बाद निजी और सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों के नोडल अधिकारियों की ट्रेनिंग होगी। कॉलेजों में दाखिले के लिए आने वाले छात्रों को ऑनलाइन आवेदन, फीस भुगतान, कॉलेजों का चयन आदि में मदद करने के लिए कॉलेज के शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के लिए रखा जाएगा ओपन सेशन
कॉलेजों की ओर से छात्रों के लिए ओपन सेशन का आयोजन किया जाएगा। इसमें विभिन्न कॉलेजों में कौन-कौन से पाठ्यक्रम मौजूद हैं और उनमें करियर की क्या संभावनाएं हैं, इसकी जानकारी छात्रों को दी जाएगी। सेशन में फ्रेशर स्टूडेंट्स के साथ-साथ उनके पैरंट्स भी हिस्सा ले सकेंगे। इस कार्यक्रम में किस प्रफेशनल या एड ऑन कोर्स का लाभ परंपरागत कोर्स के साथ मिल सकता है, इससे संबंधित छात्रों की सभी दुविधाओं का समाधान कॉलेज में किया जाएगा। इसके लिए कॉलेज में एक कमिटी बनाई गई है, जोकि 7 दिन तक छात्रों की हेल्प करेगी।
अगर आई कंपार्टमेंट तो होगी दिक्कत : कंपार्टमेंट वाले छात्रों के लिए 2018-19 के सेशन में एडमिशन की राह काफी मुश्किल भरी रहने वाली है। दाखिलों के अंतिम दिन सीटें खाली रहने पर ही उन्हें एडमिशन दिया जाएगा। वह भी लेट फीस के साथ। सीटों की संख्या कम होने के कारण सभी दाखिले मेरिट के आधार पर होंगे। उच्चतर शिक्षा विभाग ने इस संबंध में सभी कॉलेजों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। आर्ट्स और कॉमर्स स्ट्रीम में किसी विषय को शुरू करने या जारी रखने के लिए 40 और साइंस स्ट्रीम में 20 छात्रों का होना जरूरी है। इस बार एमए संगीत के लिए 15 और ग्रेजुएशन हिंदी वैकल्पिक, संस्कृत अनिवार्य या वैकल्पिक व पंजाबी अनिवार्य या वैकल्पिक के लिए 30 छात्र होने चाहिए।