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बरसात हाे रही किसानाें के लिए फायदेमंद, धान की पौध व हरे चारे की बिजाई शुरू

3 वर्ष पहले
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इन दिनों कभी आंधी तो कभी बारिश हो रही है। किसानों के लिए बरसात फायदेमंद है। गेहूं उठान के बाद जमीन अगली फसल की बिजाई के लिए तैयार हो रही है। धान के लिए पौध बिजाई की जा रही है और हरे चारे की फसलें लगाई हैं। गुरुवार शाम को भी मौसम बदलने से तापमान में गिरावट हुई है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार की गर्मी में कुछ असामान्य घटित हो रहा है। इस साल अब तक मई में उत्तर भारत को तीन पश्चिमी विक्षोभ की वजह से आंधी और तूफान का सामना करना पड़ा है। इससे तापमान में करीब तीन डिग्री सेंटीग्रेट तक की गिरावट दर्ज की जा रही है।

मौसम विभाग के वैज्ञानिकों की मानें तो पिछले सालाें की तुलना में इस साल आंधी और बरसात के ज्यादा ही झोंके आ रहे हैं। जिसका असर सामान्य जीवन पर पड़ रहा है। इससे जहां लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। वहीं नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। आंधी के कारण बड़ी संख्या में पेड़ों को नुकसान हो रहा है। बिजली के पोल टूट रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कृषि विभाग द्वारा अगली फसल को लेकर किसानों को जागरूक करने का कार्य भी शुरू कर दिया गया है।

25 डिग्री सेंटीग्रेट पहुंचा न्यूनतम तापमान

एक पखवाड़ा पहले न्यूनतम तापमान 34 डिग्री सेंटीग्रेट तक पहुंच गया था। इसके कारण रात को बिस्तर पर पसीने का एहसास होता था। वहीं अधिकतम तापमान भी 44 डिग्री को छूकर वापस आ गया है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेंटीग्रेट और न्यूनतम 25 डिग्री सेंटीग्रेट दर्ज किया गया है। हवा की गति 16 किमी प्रतिघंटा दर्ज की गई। हवा में नमी 16 प्रतिशत रही। धूल का केवल आभास हुआ। दृश्यता भी अच्छी रही। तापमान का एहसास 35 डिग्री सेंटीग्रेट का हुआ।

एक लाख 44 हजार हेक्टेयर में धान की खेती

मौसम का रुख देखकर किसानों ने भी अगली फसल की बिजाई की तैयारी शुरू कर दी है। जिसमें मूंग दाल, मक्का और मुख्य खेती धान की बिजाई शामिल है। कृषि विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डाॅ. अनिल सहरावत ने बताया कि जिले में मुख्य रुप से धान और गेहूं की खेती की जाती है। इस बार भी किसानों को टपका सिंचाई और सूक्ष्म सिंचाई की तकनीक से जागरूक किया जाएगा। ताकि किसान पानी का दोहन कम करें। धान की रोपाई करने में बहुत ज्यादा पानी खर्च होता है, जिससे जल संरक्षण के उद्देश्यों को पूरा करने में दिक्कतें हो रही है। लोगों को इस ओर ध्यान देना चाहिए।

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