अनाज मंडी में मोटर जली पांच दिन से पेयजल नहीं
सरकारी कैंटीन भी बंद, किसान परेशान
भास्कर संवाददाता | सोनकच्छ
कृषि उपज मंडी में पांच दिन से पेयजल नहीं है। यहां शासन द्वारा चना, गेहूं आदि की खरीदी की जा रही है जिससे किसानाें की परेशानी बढ़ गई है। मंडी में पांच दिन पूर्व अवकाश के दिनों में मोटर जल गई थी। मंडी प्रबंधन ने उसे सुधारने के कदम नहीं उठाए। जो कदम उठाए गए, उसके कारण मंडी ने ओर समस्या खड़ी कर दी है। मंडी में हाल ही इमरजेंसी में एक बोरिंग का खनन करवाया है। उसकी मोटर जलने के बाद उसे निकालने के कार्य किया जा रहा था, कार्य के दौरान उक्त मोटर अब उसमें फंस गई है व मात्र एक रस्सी के सपोर्ट पर लटकी हुई है, अगर रस्सी टूट जाएगी तो मोटर अंदर चली जाएगी व पूर्ण रूप से बोरिंग बंद हो जाएगा।
एसडीएम के आदेशों को ताक पर रखा
सरकार द्वारा 10 अप्रैल को चना खरीदी की शुरुआत की गई थी। आईएएस अधिकारी आशीष सांगवान, एसडीएम नीरज खरे ने अनाज मंडी के सचिव कक्ष में संबंधित अधिकारियों की बैठक ली थी। मंडी व सोसाइटियों को आदेशित किया था कि मंडी तमाम मूलभूत व आवश्यक व्यवस्थाएं जुटा ली जाएं। बावजूद अब पानी तक के लिए परेशानी है।
पानी नहीं होने से किसान कैंटीन भी बंद
शासन द्वारा किसानों को मात्र पांच रुपए में अनाज मंडी में भोजन उपलब्ध कराया जाता है। जहां संचालक बुजुर्ग व पानी दूर-दूर तक नहीं होने के कारण पानी लाने में अक्षम होने से उक्त कैंटीन भी बंद है।
पानी के लिए प्याऊ लगवाएंगे
एसडीएम खरे से कहा कि पूर्व में हुई बैठक में संबंधितों को निर्देशित किया था। व्यवस्था जुटा लें लेकिन उन्होंने नहीं जुटाई। संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत कराकर उन पर कार्रवाई के लिए पत्र व्यवहार किया जाएगा। पेयजल की व्यवस्था कर प्याऊ लगवा दी जाएगी।