पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • आज से 40 रु. लगेगा देवास इंदौर व उज्जैन का बस किराया, 10% बढ़ाया

आज से 40 रु. लगेगा देवास-इंदौर व उज्जैन का बस किराया, 10% बढ़ाया

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
हड़ताल के दौरान इंदौर रूट पर एक बस में सवारी बैठाई गईं, जिस पर कहासुनी भी हुई।

संचालक 50 रु. चाहते थे पर सरकार ने ठुकराई मांग

भास्कर संवाददाता | देवास

किराया वृद्धि नहीं करने पर बस संचालकों की एक दिन की हड़ताल की। इससे मुख्य रूट के अलावा अंचल में लोग परेशान हुए। अब 22 मई से पुन: बसें चलने लगेंगी लेकिन पुन: आंदोलन की चेतावनी दी गई है। बस वाले 40 फीसदी किराया बढ़ाना चाहते हैं जबकि सरकार ने 10 फीसदी की वृद्धि का ऐलान कर दिया है। इस हिसाब से देवास-इंदौर बस का किराया 22 मई से 40 से 41 रुपए लगेगा। जो पहले 35-37 रुपए था। यदि सरकार द्वारा बस संचालकों की 40 फीसदी किराया बढ़ाने की मांग मान ली जाती तो देवास-इंदौर का किराया बढ़कर सीधे 50 रुपए हो जाता।

जानिए 10 फीसदी बढ़ोतरी के बाद किस रुट पर कितना किराया लगेगा

मुख्य रूट अब तक आज से

देवास से भोपाल 150 रु 165 रु.

देवास से शाजापुर 65 रु 72

देवास से इंदौर 37 40 रु. करीब

देवास से उज्जैन 37 40 रु.

देवास से बागली 60 रु 65 रु.

बागली से इंदौर 60 रु 65 रु.

देवास से सोनकच्छ 30 33 रु.

सुधार के नाम पर बस चलाई, सवारियां बैठाने पर विवाद

सुबह नौ बजे बस स्टैंड पर तब विवाद की स्थिति बन गई जब बालाजी बस के चालक और कंडक्टर ने इंदौर के लिए सवारियां बैठा लीं। इस पर हड़ताली बस संचालकों ने बस को रोका। कंडक्टर बोला कि हम तो सवारी ले जाएंगे। इस पर संचालकों ने कहा कि बस फूट जाएगी। इस पर एक बस संचालक धर्मेंद्रसिंह चौहान ने संबंधित बस के मालिक को फोन कर कहा कि आपकी बस हड़ताल के दिन सवारी ले जा रही है, गड़बड़ हुई तो आपकी जिम्मेदारी। बस संचालक ने कहा- रिपेयर कराना है इसलिए बस इंदौर भेज रहे हैं। अंतत: विरोध के बावजूद ड्राइवर-कंडक्टर इंदौर के लिए खचाखच भरकर सवारी ले ही गए।

कोई घर लौट गया तो कोई इंतजार करता रहा

राजनंदा धाकड़
को शाजापुर जाना था। वे देवास के पास जेतपुरा अपने माता-पिता से मिलने आई थीं। सुबह 8 बजे भाई बाइक से बस स्टैंड छोड़कर गया, इसके बाद वे 10 बजे तक बस का इंतजार करती रहीं। जानकारी दी गई कि कोई बस नहीं है तो उन्होंने फोन कर भाई को बुलवाया और जेतपुरा लौट गईं।

हरदा से जफर खान रविवार को देवास में अपनी बहन से मिलने आए थे। भांजी अनम को साथ लेकर हरदा में कार्यक्रम होने से लौटना था लेकिन बस नहीं मिलने से देवास में रुकना पड़ा।

मोतीबंगला देवास की 70 वर्षीय पार्वतीबाई भावसार को जाबरजोर आष्टा में गमी में जाना था। बस नहीं मिलने से वे परेशान होती रहीं। सुबह 11 बजे वे गुरुद्वारा के सामने बस का इंतजार करती रहीं।

खबरें और भी हैं...