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गेहूं उठाव में ट्राॅलियों के साथ पांच ट्रक लगाए भंडार गृह ने डाला ऑनलाइन तुलाई का अड़ंगा

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता| श्रीगंगानगर

धानमंडी में गेहूं उठाने का काम सिरे नहीं चढ़ रहा है। प्रशासन एफसीआई पर, एफसीआई ट्रैक्टर ट्राली संचालकों पर और ट्राॅली वाले लोग राजस्थान राज्य भंडार व्यवस्था निगम पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। इस स्थिति में किसान पिस रहा है। वह मजबूरन व्यापारियों को सस्ते में गेहूं बेचने को विवश है। मंगलवार को दिनभर सभी पक्षों की बातचीत हुई लेकिन गेहूं उठाव का समाधान कहीं नजर नहीं आया। मंडी में लाखों क्विंटल गेहूं की धांग, खुले में पड़े एफसीआई के थैले और लिखी हुई ढेरियों का बैकलॉग कम करने के लिए मंगलवार को 105 ट्रैक्टर ट्रालियों के सहयोग में पांच ट्रक लगाए, लेकिन भंडार व्यवस्था निगम के हनुमानगढ़ रोड स्थित उद्योग विहार गोदाम में तुलाई प्रक्रिया ऑनलाइन होने के कारण गोदाम के आगे दोपहर 2 बजे तक ट्राॅलियों की लंबी लाइन लग गई। इस पर मजदूरों ने व्यापारियों एवं किसान नेताओं के साथ शाम को कलेक्टर से मिले। प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि ऑनलाइन तुलाई प्रक्रिया में ट्रालियों का काफी समय बर्बाद हो रहा है। इसलिए उठाव धीमा होगा। साथ ही दिनभर में ट्रैक्टर संचालक दिनभर में एक चक्कर लगा सकेंगे। इस पर कलेक्टर ने जीएम से बात कर समस्या सुलझाने का आश्वासन दिया है। प्रतिनिधि मंडल में पूर्व विधायक हेतराम बेनीवाल, कच्चा आढ़तिया संघ के अध्यक्ष कुलदीप कासनिया, रामगोपाल पांडुसरिया, राजकुमार बंसल, संतवीरसिंह मोहनपुरा, साधुराम सहित अनेक लोग शामिल थे। शाम को फिर एसडीएम यशपाल आहूजा के साथ व्यापारियों, ट्रैक्टर ट्राॅली संचालकों, तौला मजदूरों एवं किसान प्रतिनिधियों की बातचीत हुई, लेकिन सिरे नहीं चढ़ी। मंगलवार को ट्रकों के बावजूद मात्र 23 हजार थैले गेहूं उठाव हुआ। किसान नेता संतवीर सिंह मोहनपुरा ने आरोप लगाया कि ट्रैक्टर ट्राली यूनियन माकपा की शह पर ट्रकों से माल उठाने नहीं देना चाहती।

किसान नेताओं ने जताई थी सरकारी थैलों के दुरुपयोग की आशंका

गंगानगर किसान समिति ने यहां धान मंडी में एफसीआई के थैले वितरण में बंदरबांट का आरोप लगाया है। मंगलवार शाम तक 5.5 लाख थैले बांटे गए। अकेले एक दिन में एक लाख थैले व्यापारियों को दिए गए हैं। इसके बावजूद एफसीआई ठेकेदार करीब एक लाख थैलों का रिकॉर्ड नहीं दिखा रहा। किसान नेताओं ने आशंका जताई है कि इन थैलों में व्यापारी अपनी खरीद का गेहूं भरकर एफसीआई से मिलीभगत कर मुनाफा बटोरेंगे। इसे देखते हुए मंगलवार को समिति के साथ ठेकेदार के साथ प्रत्येक दुकान पर जाकर वितरित थैलों का रिकॉर्ड देखा। इसके साथ ही अनेक दुकानों पर एक भी थैला नहीं पहुंचा। वहां बारदाना बांटा।

एक सप्ताह से किसान लाचार : गेहूं की सरकारी खरीद 7 अप्रैल को शुरू हो गई थी। किसान एक सप्ताह से तुलाई और थैलों के लिए गेहूं की ढेरियों की रखवाली कर रहे हैं। जांच के दौरान सामने आया कि अनेक दुकानों पर अनावश्यक और जरूरत से ज्यादा थैले स्टाॅक हैं। इस पर समिति नेताओं ने गहरा एतराज जताया। समिति नेताओं ने आरोप लगाया कि ऐसे खाली थैलों में प्राइवेट गेहूं भरकर मुनाफा बटोरने की साजिश हो सकती है।

गोदामों में जाने वाले थैलों में घटने लगा गेहूं : गोदामों में जाने वाले थैलों में सौ डेढ़ सौ ग्राम गेहूं घट रहा है। इस गेहूं की भरपाई किसानों से करने की जानकारी मिली तो किसान नेताओं ने विरोध जताया। किसान नेताओं ने सवाल उठाया कि एक सप्ताह पूर्व गेहूं की जब तुलाई की गई तो इसके किसान कैसे जिम्मेदार हुए।

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