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समाज को तोड़ने वाली ताकतों से सावधान रहने की है जरूरत: चंद्रशेखर

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता|श्रीगंगानगर

भीमराव आंबेडकर यह अच्छी तरह समझते थे कि जाति व्यवस्था ही भारत में सभी कुरीतियों की जड़ है एवं बिना इसके उन्मूलन के देश और समाज का सतत विकास संभव नहीं है। यह बात शनिवार को आरएसएस की ओर से श्री पैलेस में आयोजित डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता संघ प्रचारक, जोधपुर चंद्रशेखर ने कही। उन्होंने कहा कि समाज को तोड़ने वाली ताकतों से भी सावधान रहने की आवश्यकता है। इस दौरान उन्होंने अंबेडकर द्वारा अलग-अलग जगहों पर कही गई बातों से श्रोताओं को रूबरू कराया। उन्होंने कहा कि हमें किसी से प्रेरणा लेनी है तो उसे देवता मत बनाओ, स्वयं के पुरुषार्थ को प्रकट करना चाहिए। कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता व भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर की गई। मुख्य अतिथि अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक भरतराज थे। इसके अलावा मंच पर विभाग संघ चालक चिमन लाल, जिला संघ चालक अमरचंद बोरड़ उपस्थित थे।

आरएसएस की ओर आंबेडकर जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में बोले जोधपुर के संघ प्रचारक

श्रीगंगानगर. अांबेडकर जयंती पर आयोजित विचार गाेष्ठी में मौजूद लोग एवं संबोधित करते वक्ता।

हिंदुओं की बुराइयों पर भी चोट करते थे

चंद्रशेखर ने बताया कि हिंदू समाज की बुराइयों पर चोट करते हुए बाबा साहब भारतीयता की मूल अवधारणा और अपने हिंदू हितों को नहीं भूलते हैं। उन्होंने बताया कि महार मांग वतनदार सम्मेलन सिन्नर में 16 अगस्त 1941 को बाेलते हुए बाबा साहब ने कहा था, मैं इन तमाम वर्षों में हिंदू समाज और इसकी अनेक बुराइयों पर तीखे एवं कटु हमले करता हूं लेकिन मैं आपको आश्वस्त कर सकता हूं कि अगर मेरी निष्ठा का उपयोग बहिष्कृत वर्गों को कुचलने के लिए किया जाता है तो मैं अंग्रेजों के खिलाफ हिंदुओं पर किए हमले की तुलना में सौ गुना तीखा, तीव्र एवं प्राणांतिक हमला करूंगा। डॉ. आरपी शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम में तपोवन प्रन्यास अध्यक्ष महेश पेड़ीवाल, यूआईटी अध्यक्ष संजय महिपाल, प्रदीप धेरड़, डॉ. पीयूष राजवंशी, डॉ. पवन सैनी, डॉ. आरपी बनारसिया, रिछपाल सिंह व राजेश शर्मा सहित हजारों लोग उपस्थित रहे।

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