मीन मलमास आज खत्म, शुरू होंगे विवाह व अन्य शुभ कार्य
भास्कर संवाददाता|श्रीगंगानगर
ग्रहों के राजा सूर्यदेव अपनी उच्च राशि मेष में 14 अप्रैल को सुबह 8:13 बजे प्रवेश करेंगे। इसी के साथ मीन मलमास समाप्त होगा और शुभ व मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। अभी तक सूर्य ग्रह के मीन राशि में प्रवेश करने के कारण मीन मलमास लगा हुआ था जो 14 मार्च से चल रहा था।
मलमास के कारण 18 मार्च को शुरू हुए नए विक्रम संवत 2075 में अभी तक कोई शुभ व मांगलिक कार्य नहीं हो रहे हैं। नए विक्रम संवत का पहला सावा 18 अप्रैल को आखातीज से शुरू होगा। यह अबूझ सावा भी है। इसके बाद चार महीने यानी 21 जुलाई तक 23 सावों पर शहनाइयां गूंजेंगी। इस बीच 16 मई से 13 जून तक अधिक मास रहेगा। अधिक मास में विवाह आदि मांगलिक कार्य नहीं हो सकेंगे। 23 जुलाई से देवशयन होगा और लगभग चार माह यानी 19 नवंबर तक शुभ काम रुक जाएंगे।
विवाह मुहूर्त के लिए 10 रेखीय सर्वश्रेष्ठ सावा 19 अप्रैल को : ज्योतिषविदों के अनुसार विवाह मुहूर्त के लिए सावों में 10 रेखीय सावे को सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। जो इस साल 19 अप्रैल को होगा। इस दिन चतुर्थी, गुरुवार रात 10:51 मिनट तक रोहिणी नक्षत्र रहने के कारण यह सावा 10 रेखीय रहेगा। हालांकि 5 रेखीय सावे के मुहूर्त में भी विवाह हो सकते हैं। अप्रैल से जुलाई तक के चार महीनों के सावों में चार सावे 9 रेखीय हैं। ग्यारह सावे 8 रेखीय, छह सावे 7 रेखीय और पांच रेखीय 1 सावा है।
नवसंवत्सर का पहला सावा आखातीज पर 18 अप्रैल को, देवशयन एकादशी तक होंगे विवाह
शनि ग्रह वक्री होने से राजनीति में होंगे काफी उलट फेर
ज्योतिषी जगदीश सोनी के मुताबिक 17 अप्रैल को मध्य रात्रि को धनु राशि में मंगल के साथ युति बनेगी और शनि ग्रह वक्री हो जाएगा जो कि 7-8 सितंबर मध्य रात्रि तक वक्री ही रहेगा। इसका आमजन के साथ देश और दुनिया में भी गहरा प्रभाव दिखाई देगा। राजनीति में काफी उलट फेर होंगे। शेयर बाजार में जबरदस्त उतार-चढ़ाव आने की संभावना रहेगी। उन्होंने बताया कि जब जब कोई ग्रह एक निर्धारित डिग्री में सूर्य के नजदीक आ जाता है तो उस ग्रह की गति में परिवर्तन होने लगता है और उस ग्रह की गति पृथ्वी की गति से कम हो जाती है, जिससे वह वक्री यानी पीछे चलता प्रतीत होता है।