पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Rs.10 में पंजीयन बाद सहकारी समितियों जरिए सरसों चना बेच सकेंगे किसान

Rs.10 में पंजीयन बाद सहकारी समितियों जरिए सरसों-चना बेच सकेंगे किसान

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर संवाददाता| श्रीगंगानगर/जयपुर

प्रदेश में समर्थन मूल्य पर हो रही सरसों एवं चना की खरीद के लिए सहकार फसल खरीद मित्र योजना लागू कर दी गई है। इसके तहत किसानों को दस रुपए देकर पंजीयन कराना होगा, जिसके बाद सहकारी समितियों को सरसों व चना बेच सकेंगे। इस योजना में ग्राम सेवा सहकारी समितियां, वृहद कृषि बहुद्देश्यीय सहकारी समितियां एवं तिलहन उत्पादक सहकारी समितियां सहकार मित्र के रूप में क्रय-विक्रय सहकारी समितियों के लिए खरीद कार्य करेंगी। यह जानकारी सहकारिता मंत्री अजय सिंह किलक ने शुक्रवार को दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की ओर से श्रीगंगानगर दौरे के दौरान किसानों को नजदीकी खरीद केंद्र के मार्फत खरीद कर किसानों को राहत देने के निर्देश दिए थे। ग्राम पंचायत स्‍तर पर कार्य कर रही सहकारी समितियां फसल खरीद मित्र बनाकर खरीद सुनिश्चित की जा रही है। योजना के लागू होने से ग्राम पंचायत स्‍तर पर काम कर रही सहकारी समितियों के संसाधनों का बेहतर ढंग से उपयोग हो सकेगा तथा किसान अपने पास की समिति के जरिए अपनी सरसों एवं चना की उपज को बेच सकेगा। योजना के अंतर्गत सहकार मित्र समिति को हैंडलिंग एवं परिवहन खर्चों के अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि के रूप में 14 रुपए प्रति 50 किलो बैग की दर से भुगतान किया जाएगा। मंत्री किलक ने बताया कि किसानों की उपज के अनुरूप इस वर्ष गत वर्षों से ज्यादा क्रय केन्द्र बनाए गए।

सीएस बोले- जब तक उठाव नहीं होता,

तब तक मंडी में मौजूद रहें अफसर
प्रमुख शासन सचिव, सहकारिता अभय कुमार ने निर्देश दिए हैं कि राज्य में हो रही सरसों, चना एवं गेहूं की खरीद के लिए स्थानीय स्तर पर भंडारण की व्यवस्था के लिए प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि भंडारण को लेकर किसी प्रकार की कोताही नहीं बरतें। वे शुक्रवार को शासन सचिवालय में वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग से सहकारिता विभाग से जुड़े अधिकारियों को सं‍बोधित कर रहे थे। उन्होंने सभी उप रजिस्ट्रार सहकारिता को निर्देश दिए कि खरीदे हुए माल का जब तक भंडारण नहीं हो जाता तब तक वे भंडार स्थल पर उपस्थित रहेंगे। किसानों के खातों में राशि जारी करने के लिए एसएमएस की सूचना तैयार कर ली गई है और भुगतान मिलते ही तत्काल ही राशि उनके खातों में भेज दी जाएगी। वीडियो कांफ्रेंसिंग में संयुक्त शासन सचिव सहकारिता सुखवीर सैनी, अतिरिक्त रजिस्ट्रार (द्वितीय) जीएल स्वामी, प्रबंध निदेशक अपेक्स बैंक विद्याधर गोदारा, अतिरिक्त रजिस्ट्रार (बैंकिंग) महावीर यादव सहित सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।

100 रुपए के स्टांप पेपर पर अनुबंध करके बनेंगे सहकार मित्र

प्रमुख शासन सचिव, सहकारिता अभय कुमार ने बताया कि सहकार मित्र समिति को क्रय-विक्रय सहकारी समिति का नॉमिनल सदस्य बनना जरूरी होगा। उन्‍होंने बताया कि सर्वप्रथम सहकार मित्र समिति एवं क्रय-विक्रय सहकारी समिति के मध्य में एक इकरारनामा 100 रुपए के स्टांप पेपर पर होगा। इसमें भारत सरकार द्वारा सरसों एवं चना के लिए निर्धारित समर्थन मूल्य पर सहकार मित्र समिति क्रय-विक्रय सहकारी समिति के लिए खरीद करेगी। सचिव अभयकुमार ने बताया कि योजना में खाली बारदाना, सरसों एवं चना के स्टाॅक व ट्रांजिट (सरसों एवं चना) का आग, पानी व चोरी इत्यादि का बीमा करवाया जाएगा।

इधर, सरकार ने दी छूट- मंडी में खुद का बारदाना ला सकेंगे किसान, खरीद एजेंसी उठाएगी खर्च
सरकारी स्तर पर सरसों खरीद को लेकर बारदाने की कमी से परेशान किसानों को अब राहत मिली है। किसानों की मांग को देखते हुए राज्य सरकार ने आदेश जारी किए हैं कि अब जो किसान सरसों बेचने आएंगे, वह बारदाना साथ ला सकेंगे। बाकायदा बारदाना का भुगतान किसानों को क्रय केंद्र से किया जाएगा। पहले सरकारी सरसों खरीद पर बारदाना भी सरकार के स्तर पर इस्तेमाल किया जाता था। अक्सर बारदाना की कमी से फसल उठाव रुक जाता था। इससे किसान व व्यापारियों को परेशानी होती है। अब नई व्यवस्था के तहत किसान खुद बारदाना ला सकेंगे। इसके चलते जल्द उठाव का काम हो सकेगा। जिला कलेक्टर ज्ञानाराम ने बताया कि किसान संगठनों ने किसानों को सरसों फसल के साथ स्वयं का बारदाना लाने की इजाजत देने की मांग बीते दिनों सरकार से की थी। किसानों को सरसों बिक्री के लिए 50 किलो क्षमता का निर्धारित मानकों वाला बारदाना लाना होगा। किसान द्वारा लाए गए बारदाने का भुगतान क्रय केन्द्र एजेंसी द्वारा निर्धारित दर से किया जाएगा।

खबरें और भी हैं...