श्रीगंगानगर| राजस्थान के उत्तरी पश्चिमी जिलों को मिलाकर अलग मरू प्रदेश बनाने की मांग को लेकर शनिवार को नई धानमंडी स्थित व्यापार मंडल भवन में आम सभा हुई। सभा में जोधपुर व बीकानेर सहित कई जिलों के सक्रिय लोग शामिल हुए। वक्ताओं ने कहा कि तथ्य सामने हैं कि छोटे छोटे राज्य तुलनात्मक रूप से अधिक तेजी से विकास करते हैं। राजस्थान इस समय भौगोलिक दृष्टि से देश का सबसे बड़ा राज्य है। हालांकि हम लोग जिन राज्यों को इस प्रस्तावित मरू प्रदेश में शामिल कर रहे हैं, वे जिले गरीब जिलों की श्रेणी में आते हैं। अगर इन जिलों को मिलाकर अलग राज्य बनाया जाए तो नया राज्य तेजी से विकास करेगा। इस अवसर पर 25 से 30 मई के दौरान अन्य जिलों के जनप्रतिनिधियों से संपर्क कर इस मांग पर सकारात्मक माहौल तैयार किया जाएगा। बैठक में मरू प्रदेश आंदोलन के मनिंदर मान, व्यापारी नेता चंद्रेश जैन, संयुक्त व्यापार मंडल के अध्यक्ष तरसेम गुप्ता, राजू सिंगाठिया, पूर्व सरपंच श्योप्रकाश, शक्ति अग्रवाल, मरू प्रदेश युवा मंच बीकानेर से जयंत मूंड, जयवीर गोदारा, जोधपुर से केसरसिंह राठौड़, महिपाल सिंह महला सहित अन्य ने मरू प्रदेश की मांग का समर्थन किया।