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पार्किंग व्यवस्था के झूठे शपथ पत्र दे कार खरीद रहे लोग सड़कों पर वाहन खड़े कर राहगीरों के लिए बनते मुसीबत

3 वर्ष पहले
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राजस्थान हाईकोर्ट ने 2012 में बिना पार्किंग स्थल चौपहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन नहीं करने के डीटीओ को दिए थे आदेश

भास्कर संवाददाता |श्रीगंगानगर

घर में गैराज और अन्यत्र वाहन खड़े करने की जगह नहीं होने के बावजूद हजारों लोग ईश्वर को साक्षी मानकर पार्किंग व्यवस्था होने के झूठे शपथ पत्र देकर अपने चौपहिया वाहनों के पंजीयन करवा रहे हैं। उनके वाहन सड़कों पर खड़े नजर आते हैं। परिवहन विभाग यह सबकुछ जानते हुए भी चार पहिया वाहनों के रजिस्ट्रेशन कर रहा है। इससे शहर के गली-मोहल्लों में खड़े चार पहिया वाहन आवागन में बाधक बनकर राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। इससे दुर्घटना होने की भी आशंका रहती है।

शहरों में यातायात की बिगड़ी व्यवस्था को सुधार के लिए राजस्थान उच्च न्यायालय ने 2012 में परिवहन विभाग के अधिकारियों को बिना पार्किंग स्थल के चार पहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन नहीं करने के आदेश जारी किए थे। इसकी पालना के लिए परिवहन विभाग वाहन मालिक से संबंधित कागजों के साथ पार्किंग स्थल संबंधित शपथ-पत्र प्रस्तुत करते हुए लिखित में देते हैं... कि मेरे पास गाड़ी खड़ी करने के लिए पर्याप्त पार्किंग स्थल है। जबकि हकीकत में अधिकांश शपथ पत्र झूठे होते हैं।

रात को गलियों में चौपहिया वाहन खड़े करने से कई बार लग जाता है जाम

रजिस्ट्रेशन के लिए शपथ पत्र देने वाले अधिकांश वाहन मालिक के घर में गैराज नहीं है। इसके चलते वे अपने घर के बाहर तिपहिया, चार पहिया वाहन खड़ा करते हैं। स्थान की कमी पर पड़ोसियों के घर के दरवाजे के आगे वाहन खड़ा करने में से वे भी परेशान रहते है। दिन में ऑफिस, कारखाना, मंडी, बैंक आदि कामकाज स्थल पर मालिक वाहन को ले जाते है, जिससे गली मोहल्लों में कम परेशानी रहती है। शाम होते ही वाहन गलियों में आ जाते हैं, जिससे कई बार यहां जाम भी लग जाता है।

पर्याप्त स्टाफ नहीं, हजारों वाहनों का भौतिक सत्यापन संभव नहीं

उच्च न्यायालय के आदेश पर वाहन मालिकों से वाहन पंजीयन के लिए पार्किंग का शपथ पत्र लिया जाता है। जिले में चौपहिया वाहन मालिकों का भौतिक सत्यापन कर पाना संभव नहीं है। हर साल जिले में हजारों की तादाद में गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन किया जाता है। हमारे पास पर्याप्त स्टाफ नहीं है। इससे हम प्रत्येक शपथ पत्र का सत्यापन नहीं करवा पाते हैं। अगर कोई झूठा शपथ-पत्र देता है तो उस वाहन मालिक पर कार्रवाई होगी। - जुगल माथुर, डीटीओ श्रीगंगानगर

श्रीगंगानगर. विनोबा बस्ती क्षेत्र में रात को सड़क पर खड़ी कारें।

परेशान आमजन बोले-प्रशासन को हमारी समस्या से कोई सरोकार नहीं

मधुबन कॉलोनी के निवासी विक्रम शर्मा के मुताबिक शहर की बढ़ती आबादी के साथ वाहनों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। अधिकांश वाहन मालिकों के पास गैराज नहीं होने पर वे सड़क पर वाहन खड़े करते है। इससे आमजन को परेशानी होती है लेकिन प्रशासन को हमारी समस्या से कोई सरोकार नहीं है। पुरानी आबादी निवासी भगवतीप्रसाद बिस्सा के अनुसार शहर का ऐसा कोई गली-मोहल्ला नहीं है, जहां वाहन खड़े नहीं रहते। बीच राह खड़े इन वाहनों से राहगीरों को परेशानी होती है। रात में दुर्घटना होने की आशंका रहती है।

कार्रवाई का प्रावधान है, लेकिन अधिकारी नहीं उठाते कोई कदम

मोटर व्हीकल एक्ट के तहत मांगे गए शपथ पत्र में साक्ष्य झूठा, कूट रचित दस्तावेज एवं असत्य कथन पेश किया गया है तो उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत धोखाधड़ी की कार्रवाई का प्रावधान है। इसके आधार पर परिवहन विभाग चाहे तो वाहन मालिक के खिलाफ सीधा मुकदमा दर्ज करवा सकता है। लेकिन कानूनी फेर में फंसने से बचने के लिए अधिकारी ऐसा नहीं करते हैं।

नो-पार्किंग के तहत करेंगे कार्रवाई

यातायात विभाग की ओर से मेन रोड पर नो पार्किंग में खड़ी गाड़ियों के चालान लगातार काटे जा रहे है। जल्द ही मेन रोड से लिंक गलियों में जाकर भी नो पार्किंग के तहत वाहन मालिकों पर कार्रवाई का अभियान शुरू किया जाएगा। इसके लिए मोहल्लावासियों के लगातार फोन आ रहे है। - कुलदीप चारण, ट्रैफिक इंचार्ज श्रीगंगानगर

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