अपना घर आश्रम को एक लाख रुपए का किया दान
श्रीगंगानगर| पीड़ित मानव सेवा से बढ़कर कोई सेवा नहीं। किसी भी असहाय, लावारिस, बीमार को सेवा व संसाधनों के अभाव में पीड़ा एवं असामयिक मृत्यु का शिकार होने से बचाया जा सके इससे बड़ा पुनीत काम कोई नहीं हो सकता। यह बात सेवानिवृत्त प्राचार्य कमलकांता शर्मा ने ख्यालीवाला स्थित अपना घर आश्रम में मंगलवार को कही। आश्रम प्रचार सचिव निर्मल जैन ने बताया कि वे अपने पति पूर्व प्राचार्य बीबी शर्मा की जयंती पर परिजनों के साथ अपना घर आश्रम में प्रभुजनों को भोजन करवाने आई थी।