भास्कर संवाददाता|श्रीगंगानगर
श्रीगंगानगर से राजधानी दिल्ली तक विमान सेवा शुरू होने को एक बार फिर प्रयास शुरू हुए हैं। एक निजी विमानन सेवा प्रदाता कंपनी ने इसमें रूचि दिखाते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय को रूट चार्ट और टाइमिंग तक भेजी है। इस सेवा को शुरू कराने को मंत्रालय ने कलेक्टर को पत्र लिखकर लालगढ़ हवाई पट्टी पर मौजूदा व्यवस्थाओं के बारे में पूछा है। इस संबंध में भेजी गई रिपोर्ट का अवलोकन कर मंत्रालय शेष जरूरी व्यवस्थाओं के लिए कह सकता है। हालांकि फिलहाल मौजूदा व्यवस्थाओं और संसाधनों से यहां छोटे चार्टर प्लेन उतारे जा सकते हैं। सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार सुप्रीम एयर बेसन कंपनी की ओर से श्रीगंगानगर से किशनगढ़ के बीच वायु सेवा शुरू करने की तैयारियां चल रही हैं। कंपनी ने किशनगढ़ से दिल्ली-श्रीगंगानगर का रूट प्लान बनाया है। कंपनी का छोटा जहाज किशनगढ़ से सुबह साढ़े 8 बजे उड़ान भरकर 9 बजे दिल्ली पहुंचेगा। दिल्ली से साढ़े 9 बजे उड़ान भरकर पौने ग्यारह बजे लालगढ़ जाटान हवाई पट्टी पर उतरेगा। वापसी में यही विमान साढ़े 12 बजे लालगढ़ हवाई पट्टी से उड़ान भरकर दिल्ली पहुंचेगा। दिल्ली से रणथंभौर जाएगा। रणथंभौर से वापस दिल्ली होकर किशनगढ़ पहुंचेगा। इस रूट पलान को कंपनी ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को भेजकर उड़ान शुरू कराने के लिए व्यवस्थाएं कराने का कहा है। इस संबंध में विभाग ने कलेक्टर से रिपोर्ट मांगी है। इस संबंध में चाही जानकारी को जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों से प्राप्त मंत्रालय को मेल से सूचना भिजवा दी है। मंत्रालय उड़ान सेवा शुरू करने को आवश्यक संसाधनों और मौजूदा संसाधनों का अवलोकन कर इस संबंध में दोबारा जिला प्रशासन को निर्देश भेजेगा। अगर कंपनी की जरूरतों के अनुसार व्यवस्थाएं हो पाई तो जल्दी ही यहां से छोटे हवाई जहाज सेवाएं शुरू कर देंगे।
लालगढ़ हवाई पट्टी से दिन में शुरू हो सकती हैं सेवाएं, रात के लिए करनी पड़ेगी व्यवस्था
1350 मीटर लंबी हवाई पट्टी पर उतारे जा सकते हैं छोटे विमान
पीडब्लूडी अधिकारियों से मिली जानकारी अनुसार अभी लालगढ़ जाटान में 1350 मीटर की लंबाई युक्त हवाई पट्टी मौजूद है। इस पर छोटे विमान आसानी से उतारे जा सकते हैं। हालांकि पट्टी की लंबाई दो किलोमीटर करने के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। इस संबंध में राज्य सरकार से अनुमति का इंतजार है। हालांकि अभी भी मौके पर बिजली और पानी की व्यवस्था नहीं है। हवाई पट्टी पर बनाए गए भवन भी मरम्मत के बिना ठहरने के योग्य नहीं है। अगर सेवाएं शुरू की गई तो ये व्यवस्थाएं तत्काल करनी होंगी।