पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • केमिकल वाले नहरी पानी में आ रही मरी मछलियां, 4 दिन में प्रशासन कुछ न कर सका...लोग खुद ही फिल्टर कर पिएं

केमिकल वाले नहरी पानी में आ रही मरी मछलियां, 4 दिन में प्रशासन कुछ न कर सका...लोग खुद ही फिल्टर कर पिएं

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर संवाददाता|श्रीगंगानगर

पंजाब में शुगर फैक्ट्री से ब्यास नदी में बहाए गए शीरे से दूषित हुआ जहरीला पानी राजस्थान कैनाल, सरहिंद फीडर और बीकानेर कैनाल के जरिए श्रीगंगानगर सहित राज्य के सात जिलों में पहुंच रहा है। पानी इतना दूषित है कि अब तक लाखों की संख्या में जलीय जीव मर चुके हैं। इसी दूषित पानी को पंजाब सरकार ने हुसैनीवाला हैड की ओर प्रवाहित न कर राजस्थान की नहरों में बहा दिया है। इधर जानकारी मिलने के बाद भी राजस्थान सरकार और श्रीगंगानगर जिला प्रशासन ने एहतियाती इंतजाम तक नहीं किए हैं। केवल सिंचाई और जलदाय विभाग के अधिकारियों को निगरानी करने और पानी दूषित होने की सूरत मे भंडारण नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। सवाल ये है कि नहरबंदी के बाद आ रहे इस पानी को लोगों को भंडारण करने से कैसे रोका जाएगा। अगर पानी पीने योग्य नहीं है तो इसे पीने योग्य बनाने के लिए जलदाय विभाग के पास क्या रणनीति बनाई गई है? इस बारे में प्रशासन के पास कोई कार्य योजना तक नहीं है। हरिके बैराज से शुक्रवार सुबह छोड़ा गया पानी रविवार को राजस्थान में प्रवेश कर जाएगा। पानी में मरे लाखों जलीय जीवों के कारण पानी में बदबू करीब तीन किलोमीटर के दायरे में फैल रही है। ऐसे में इस पानी की गुणवत्ता पर सवाल सवाल खड़े हो रहे हैं। इस संबंध में भास्कर टीम ने शनिवार को बीकानेर कैनाल के बरेकां तक हालात देखे गए। खखां हैड कर्मचारियों ने बताया है कि फिरोजपुर फीडर के टेल एंड से बीकानेर कैनाल की आरडी 45 से छोड़े गए इस पानी के रविवार तक हमारे यहां पहुंचने के आसार हैं। सिंचाई अधिकारियों ने हैड पर निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।

(एडीएम से मिले कांग्रेसी : जताई महामारी फैलने की आशंका, मांगा साफ पानी...पेज 18 पर )

आज एसई जाएंगे शिवपुर हैड, पानी भंडारण नहीं करने के आदेश

श्रीगंगानगर. पंजाब से आ रहा केमिकल युक्त गंदा पानी।

कृषि विभाग| मछलियां मरीं, मित्र कीटों पर होगा बुरा असर, पानी का इंतजार

कृषि विभाग ने अभी तक पानी जांच के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। कृषि उपनिदेशक डॉ. सतीश शर्मा ने बताया कि उस पानी के आने के बाद ही स्थिति की जानकारी ली जा सकेगी कि यह पानी नुकसानदायक है अथवा नहीं। हालांकि किसानों का कहना है कि सिंचाई के दौरान इस पानी से जमीन के मित्र कीटों और केंचुओं की सेहत पर भी बुरा असर पड़ेगा।

जलदाय विभाग | नमूनों की रिपोर्ट आने तक पानी 8 जिलों में पहुंच चुका होगा

जलदाय विभाग के एक्सईएन वीके जैन को प्रशासन ने निर्देशित किया है कि इस पानी के नमूने लेकर गुणवत्ता की जांच करें। अगर पानी पीने योग्य नहीं हो तो इसका भंडारण नहीं किया जाए। हालांकि नमूने की जांच रिपोर्ट तीन दिन बाद मिलेगी। तब तक यह जहरीला पानी श्रीगंगानगर में अंतिम छोर तक व राजस्थान कैनाल में भी सभी सातों जिलों तक पहुंच जाएगा।

सिंचाई विभाग |निगरानी के निर्देश, मरे जीव निकालने को संसाधन नहीं

सिंचाई विभाग ने खखां और शिवपुर सहित साधुवाली हैड पर जहरीले पानी की निगरानी के निर्देश जारी किए हैं। पानी के साथ बहकर आ रहे बड़े पैमाने पर मृत जलीय जीवों को बाहर निकालने को कोई संसाधन उपलब्ध नहीं करवाए हैं। अधिकारियों की अब तक की तैयारी से यही अनुमान है कि मृत जीव पानी के साथ ही आगे से आगे अंतिम छोर तक किसानों के पास ही भेजे जाएंगे।

एडीएम प्रशासन नखतदान बारहठ ने बताया कि उनके पास सुबह कांग्रेस का प्रतिनिधि मंडल आया था। मैंने उन्हें और एसई गंगनहर को कह दिया है कि पानी की लगातार निगरानी रखें और अगर यह पानी पीने लायक नहीं है तो डिग्गियों में न भरें। वहीं सिंचाई विभाग के गंगनहर सर्किल के एसई अरुण कुमार सिडाना ने बताया कि पंजाब से जो रिपोर्ट आ रही है वह चिंताजनक है। अभी पानी राजस्थान में नहीं पहुंचा। मैं सुबह शिवपुर हैड जा रहा हूं। देखकर पता करेंगे कि पानी कितना जहरीला है।

खबरें और भी हैं...