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श्रीगंगानगर चाहता है जी-25 में बने जगजीतसिंह म्यूजियम, कलेक्टर बोले- याद में स्टेच्यू-छतरी लगा लो

3 वर्ष पहले
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श्रीगंगानगर| गजल सम्राट जगजीत सिंह की याद में उनके सिविल लाइन्स स्थित जी-25 क्वार्टर में मैमोरियल संस्थान (म्यूजियम ) खोले जाने के सपने पर शुक्रवार को प्रशासन ने विराम लगा दिया। लेकिन जगजीत सिंह के नाम से शहर में चौक, चौराहे, छतरी या स्टेच्यू आदि लगाने पर सहमति दी। कलेक्टर ज्ञानाराम की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में रखी गई बैठक के दौरान यह बात सामने आई। मुख्यमंत्री से मिले निर्देश पर बुलाई बैठक में कलेक्टर ज्ञानाराम ने जगजीत सिंह से जुड़ाव रखने वाली संस्थाओं के प्रतिनिधियों को कहा कि प्रशासन भी चाहता है कि शहर में आने वाले लोग गजल सम्राट जगजीत सिंह की जीवनी से परिचित हों। शहरवासियों का जगजीत सिंह से प्रेम होना स्वाभाविक है और ऐसा होना भी चाहिए।

गजल सम्राट के चाहने वालों ने कहा- प्रशासन सिर्फ जगह उपलब्ध करवाए, हम बना देंगे म्यूजियम
स्पिक मैके के सुभाष गोगी, रविंद्र कला निकेतन के सागर शर्मा ने कलेक्टर को अवगत कराया कि बीते कई वर्षों से जी-25 क्वार्टर में जगजीत सिंह के मैमोरियल संस्थान खोले जाने की मांग होती रही है। शहर में उनकी याद में बड़े आयोजन भी होते हैं। परेशानी यह है कि अन्य जिलों के लोग या परिचित जब शहर आते हैं जगत सम्राट की यादों से जुड़ी चीजें दिखाने के लिए कहते हैं, लेकिन शहर में ऐसा कुछ ही नहीं। गंगानगर कला मंच के दौलतराम अनपढ़, डॉ ओपी वैश्य, वरिष्ठ रंगकर्मी सुदेश पाहूजा ने कहा कि प्रशासन जगह उपलब्ध करवाए तो जगजीत प्रेमी संस्थाएं शहरवासियों के सहयोग से म्यूजियम बना देंगी। गोगी व शर्मा ने कहा कि जल्द ही स्टेच्यू या छतरी के लिए एक बार सदस्यों से विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके बाद प्रशासन को अवगत करवा दिया जाएगा। कलेक्टर ने कहा कि जी-25 क्वार्टर को छोड़ कर छतरी, स्टेच्यू आदि के लिए जैसे ही प्रस्ताव मिलेगा, प्रशासन आगामी कार्रवाई शुरू कर देगा। म्युजियम को लेकर इलाके के युवाओं ने केंद्रीय राज्यमंत्री अर्जुनराम से भी बीते दिनों मुलाकात की थी। उन्होंने भी युवाओं को अाश्वस्त किया। वहीं मुख्यमंत्री के शहर में आने के दौरान जनसंवाद कार्यक्रम में शहरवासियों ने जगजीत सिंह का म्यूजियम बनाने की मांग की थी। इससे पूर्व भी प्रशासन तक यह बात आई थी। इस संबंध में जीएडी विभाग को लिखा भी गया, लेकिन वहां से अनुमति नहीं मिली।

श्रीगंगानगर में जन्मे थे जगजीत, यहीं शुरू की संगीत की तालीम
गज़ल सम्राट जगजीतसिंह का जन्म 8 फरवरी 1941 को श्रीगंगानगर में पतराम की छकड़ी में रविंद्र पथ के निकट हुआ था। तब उनके पिता जगमोहनसिंह धिमान इस मकान में किराए पर रहते थे। वे पीडब्लूडी में कनिष्ठ अभियंता थे। इसके बाद उनको सिविल लाइन स्थित जी 25 सरकारी आवास आवंटित हो गया। जगजीतसिंह शुरुआती स्कूली दिनों में इसी सरकारी आवास में गाने का रियाज किया करते थे। उनको शुरुआती संगीत शिक्षा भी श्रीगंगानगर से ही ली। खालसा स्कूल से 12वीं तक की शिक्षा लेकर वे जलंधर चले गए थे। उसके बाद उनका गायकी में नाम हुआ और वे गजल की दुनिया के बेताज बादशाह बन गए। श्रीगंगानगर में उनके जन्म से लेकर किशोरावस्था का महत्वपूर्ण समय बीता हुआ है। इसलिए श्रीगंगानगर का प्रत्येक संगीत प्रेमी उनके श्रीगंगानगर में म्यूजियम की मांग कर रहा है।

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