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मानसून राज्य में समय पर आएगा, कलेक्टर ने तैयारी के लिए विभागों को लिखा पत्र, पुलिस से मांगा प्लान

3 वर्ष पहले
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कलेक्टर ने एसपी को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं कि होमगार्ड एवं आरएसी की प्रशिक्षित व अन्य कंपनियां मानसून काल के लिए तैयार रखें। तैराक एवं नावों की व्यवस्था तथा गोताखोर,जीवन रक्षक यंत्रों जैसे जैकेट, रस्से, टाॅर्च, संचार तंत्र आदि बचाव यंत्र किराए पर लेने हों तो तत्काल निविदा आमंत्रित कर लें। आपातकालीन प्लान तैयार कर जिला प्रशासन को उपलब्ध करवाएं। राज्य में आपदा प्रतिसाद बल को 8 कंपनियों में विभाजित किया है। संभाग मुख्यालयों एवं 1 कंपनी बटालियन मुख्यालय जयपुर में स्थापित की गई है। बल के पास बाढ़ राहत व बचाव हेतु इफेक्टेबल बोट, फाइबर रेस्क्यू बोट, सिंथेटिक कर्ण मेटल रोप एवं अन्य उपकरण उपलब्ध हैं। इनकी सेवाएं पूरे राज्य को उपलब्ध होगी।

सिंचाई विभाग: संवेदनशील एवं संकटग्रस्त क्षेत्रों का सामना करने के लिये कार्य योजना बनाएंगे। उपलब्ध वायरलेस सेटों को कार्यशील रखेंगे तथा गावों, रक्षा पेटियों, रस्सों, मशालों, टाॅर्च की व्यवस्था करेंगे। एनजीओ के पास उपलब्ध संसाधनों की जानकारी रखते हुए उनको एक्शन मोड में रखेंगे।

जलदाय विभाग: निचले क्षेत्रों से पानी निकालने हेतु पंप सैट व जहां ज्यादा बाढ़ आने की आशंका है वहां व्यापक मात्रा में पंप सेटों की व्यवस्था रखी जाए। पेयजल की व्यवस्था व पेयजल स्रोतों के क्लोरीनेशन की व्यवस्था करेंगे ताकि दूषित पेयजल से बीमारियां फैलने से रोका जा सके।

डीएसओ : उचित मूल्य की दुकानों पर गेहूं, केरोसीन व राशन सामग्री, उसके वितरण की व्यवस्था व वितरण के स्थान का उल्लेख आदि सूचनाएं जारी करें। डीएसओ तैयारी रखें ताकि जरूरत पड़ने पर बाढ़ या अधि वर्षा प्रभावित क्षेत्र मे भोजन उपलब्ध करवाया जा सके।

नगरपालिका व नगरपरिषद : सड़कों की मरम्मत एवं नालों की सफाई की 15 जून से पूर्व करें। अस्थायी रूप से रहने हेतु धर्मशाला, सार्वजनिक स्थल आदि की व्यवस्था करेंगे। पंप सेट, मृत पशुओं, मलवा, कचरा आदि को हटाने, मलेरियारोधी उपाय पहले से करेंगे।

सीएमएचओ : जीवन रक्षक दवाइयां व मोबाइल चिकित्सा दल के गठन की व्यवस्था करेंगे। बाढ़ के दौरान तथा उसके बाद फैलने वाली बीमारियों जैसे हैजा, पीलिया, मलेरिया, त्वचा संबंधी बीमारियां, फूड पॉइजनिंग आदि के के लिए दवाओं की व्यवस्था करेंगे।

डिस्कॉम : बाढ़ या अधिक वर्षा पर बिजली सुचारू रखने हेतु आवश्यक उपकरण पोल, कंडक्टर आदि की व्यवस्था करेंगे। यदि कहीं पर ट्रांसफार जमीन पर रखे हैं तो उनको डीपी पर रखवाया जाए। जरूरत के समय मौके पर भेजने को संसाधनों के साथ टास्क फोर्स तैयार रखें।

जिला आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ: सेना एवं वायु सेना के साथ बैठक कर समन्वय बनाएंगे। संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ संभावित खतरे वाले स्थानों का दौरा करेंगे। महत्वपूर्ण टेलीफोन नंबरों की सूची बनाकर आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी कर्मचारियों, अधिकारियों को उपलब्ध कराएं।

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