मांगीलाल स्वामी| श्रीगंगानगर
श्रीकरणपुर सेक्टर की नग्गी पोस्ट के नजदीक 11 अप्रैल की रात को पाकिस्तान की ओर से तरणतारण के तस्करों को पिस्टल के साथ 18 पैकेट हेरोइन की सप्लाई की गई थी। एक-एक किलो की पैकिंग के इन पैकेट्स में 90 कराेड़ रुपए कीमत का मादक पदार्थ था। इस तस्करी के बारे में पुलिस और बीएसएफ को पता भी चल चुका है, लेकिन इस मामले को अकेले हथियारों की तस्करी तक ही सीमित रखा जा रहा है। पुलिस और एजेंसियां इस मामले की तह तक न जाकर इसे जानबूझकर घुमा रही हैं, ताकि यह मादक पदार्थ तस्करी उजागर न हो और केवल इसे हथियार तस्करी तक ही सीमित रखा जा सके। हालांकि पकड़े गए तीनों तस्करों का श्रीकरणपुर पुलिस ने 6 दिन का रिमांड ले रखा है। बताया जा रहा है कि इस मामले में अभी आगे से आगे कई कड़ियां जुड़ेंगी। देखने वाली बात यह है कि तस्करी की सफल हो चुकी इस घटना को रोक नहीं पाने के आरोपों से घिरी जांच एजेंसियां इस मामले को कितना गहराई तक खोल पाएंगी। श्रीकरणपुर पुलिस आरोपियों को लेकर रविवार को उनके गांव गई हुई थी। अन्य सामान की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस मामले में मुख्य तस्कर अभी पुलिस और बीएसएफ के हाथ नहीं आएं हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों से उनके बारे में जानकारी जुटाई गई है। आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की एक टीम पंजाब डेरा डाले हुए है। दूसरी टीम गिरफ्तार किए आरोपियों के साथ पंजाब में उनके गांव में मौका नक्शा तैयार करने के लिए गई हुई है।
11 अप्रैल की रात नग्गी बॉर्डर पर तारबंदी पार से आए थे एक-एक किलो के 18 पैकेट और तीन पिस्टल
3 पिस्टल साथ सुरक्षा के लिए भेजे थे पाक तस्करों ने, पुलिस पकड़ पाई अभी भी दो ही पिस्टल
सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार पंजाब के तरणतारण जिले के गांव जलोके निवासी 30 वर्षीय जसविंद्रसिंह उर्फ सोनू पुत्र रिछपालसिंह जटसिख, राजोके गांव निवासी 39 वर्षीय जगराजसिंह उर्फ बिल्ला पुत्र बलवीरसिंह जटसिख व रतोके गांव निवासी 24 वर्षीय रतनबीरसिंह उर्फ रतन पुत्र बलविंद्रसिंह जटसिख ने पुलिस और एजेंसियाें को बताया है कि 11 अप्रैल की रात को पाकिस्तान की तरफ से नग्गी के पास 18 पैकेट हेरोइन सप्लाई ही मुख्य टारगेट था। इन एक-एक किलो के पैकेट्स के साथ 3 पिस्टल और कारतूस भेजे गए थे, क्योंकि सप्लाई लेने तारबंदी के पास हम तीन लोग ही गए थे। पाकिस्तानी तस्करों के निर्देश थे कि हेरोइन ले जाते वक्त अगर बीएसएफ या पुलिस के साथ मुठभेड़ हो तो असला काम आएगा। पुलिस को अभी तक न तो 18 पैकेट हेरोइन की बरामदगी हुई है और न ही तीसरा पिस्टल बरामद हुआ है। सबसे बड़ी बात, जिन चाइना मेड पिस्टल की कीमत यहां 7 से 8 लाख रुपए आंकी गई है, वे चाइना की तरफ से पाकिस्तान में महज 30 से 50 हजार रुपए में ही बेचे जा रहे हैं।
इसलिए हमारे यहां बढ़ रही गतिविधियां
श्रीगंगानगर जिले में बॉर्डर के पास कई गावों में तस्करों की रिश्तेदारियां
पंजाब में बॉर्डर पर निगरानी बढ़ाने के बाद अब तस्करों के लिए श्रीगंगानगर जिला हेरोइन तस्करी के लिए सबसे सुरक्षित जगह बनती जा रही है। श्रीगंगानगर जिले की करीब 205 किलोमीटर लंबी पाकिस्तान सीमा के आस पास गावों में पंजाब के तस्करों की कई जगह रिश्तेदारियां हैं। इसलिए उनको यहां शरण लेने और जासूसी करने में परेशानी नहीं आती है। दूसरा जिले में सीमावर्ती क्षेत्र में तारबंदी के आस पास खेती होती है। किसान बनकर तारबंदी का आसानी से जायजा लिया जा सकता है।
वट्सएप पर होती है बाॅर्डर पार बातचीत
वहीं से तय हुआ नग्गी पोस्ट पर तस्करी का दिन और समय तय
नग्गी पोस्ट पर 18 किलो हेरोइन की खेप तारबंदी के इस पास पहुंचाने की सारी सौदेबाजी पाकिस्तान में बैठे तस्करों ने इन आरोपियों के आका से वट्सअप पर ही की थी। सब कुछ तय होने के बाद आरोपी दो बार श्रीकरणपुर आए और तारबंदी के पास मौका निरीक्षण कर सब कुछ देखकर गए थे। इसके बाद तीसरी बार में यह तस्करी की वारदात पूरी की गई। बॉर्डर पर पैरों के निशान और किए गए फोन के इस्तेमाल से आराेपी पकड़े गए।
पुलिस के बयान और हकीकत
मामला हथियार तस्करी का नक्सलवाद से जुड़ सकते हैं तार
आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस का बयान - तस्करों के पास बरामद हथियार नक्सलियों को करने थे सप्लाई।
हकीकत : सच बात ये है कि राजस्थान और पंजाब में एक हजार किलोमीटर के दायरे में कहीं भी नक्सलवाद सक्रिय नहीं है। पूर्वी भारत के आसाम, मणिपुर, त्रिपुरा, छत्तीसगढ़, उत्तरांचल आैर बिहार राज्यों में नक्सलवाद सक्रिय है लेकिन उनको हथियारों की जरूरत स्थानीय स्तर पर ही पूरी हो जाती है।
पाक बॉर्डर से महज तीन किमी दूर है जगराजसिंह उर्फ बिल्ला का गांव राजोके
पकड़े गए आरोपी बिल्ला जटसिख का गांव राजोके तरणतारण जिले में पाकिस्तान बॉर्डर से महज 12 मुरब्बा अर्थात करीब तीन किलोमीटर की ही दूरी पर है। उसकी खुद की 10 एकड़ जमीन तारबंदी के पास है। बाकी दोनों आरोपियों के गांव रतोके और जलोके पाकिस्तान बाॅर्डर से करीब 7 किलोमीटर या इससे भी अधिक दूर हैं। तीनों आरोपी जटसिख हैं और आपस में रिश्तेदार भी हो सकते हैं। पुलिस पूछताछ कर रही है।
पकड़े गए दोनों पिस्टल की बाजार में कीमत करीब 15 लाख रुपए
जांच अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों से बरामद हुए दोनों पिस्टल चाइना मेड हैं। इनकी भारतीय बाजार कीमत करीब 15 लाख रुपए है।
हकीकत : सेना के जानकारों ने बताया कि चीन में बने एक पिस्टल की कीमत 30 से 60 हजार रुपए के बीच ही होती है। ऐसे में पुलिस द्वारा एक पिस्टल की कीमत ही 7 लाख रुपए से अधिक बताई जा रही है। आरोपियों ने स्वीकारा है कि ये पिस्टल तो हेरोइन पैकेट की सुरक्षा के लिए साथ भेजे जाते हैं।
सीधी बात
हरेंद्र महावर, एसपी
बीएसएफ आईजी से बात,बॉर्डर पर निगरानी और मजबूत की जाएगी
Q. पुलिस इसे केवल हथियार तस्करी का मामला बता रही है जबकि पता चला है कि यहां से हेरोइन की खेप तस्करी हुई थी?
पकड़े गए आरोपी केवल कोरियर का काम करते हैं। असली आरोपी अन्य लोग हैं। जब तक वे पकड़े नहीं जा जाते, हम पुष्टि नहीं कर सकते।
Q. तारबंदी से मादक पदार्थों की तस्करी की घटनाएं बढ़ रही हैं। क्या बीएसएफ और पुलिस की निगरानी कमजोर हुई है?
इस घटना को लेकर बीएसएफ आईजी से बात की है । बॉर्डर पर भी निगरानी मजबूत कराने व पुलिस निगरानी भी बढ़ाने पर काम कर रहे हैं।
Q. जांच अधिकारी इसे केवल हथियार तस्करी का ही मामला बता रहे हैं। ऐसा क्यों ?
एएसपी सुरेंद्र राठौड़ इस मामले को बारीकी से देख रहे हैं। हम इस घटना से जुड़ी आखिरी कड़ी तक जाएंगे। मुख्य तस्कर भी जल्दी ही हमारी गिरफ्त में होगा।