श्रीगंगानगर| श्रमिक पंजीयन योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र के समस्त कार्य अब पुनः पंचायत समितियों को दे दिए गए हैं। कलेक्टर ज्ञानाराम ने बताया कि श्रमिक पंजीयन योजना के तहत जिले में पंजीकृत श्रमिकों में से जो ग्रामीण क्षेत्र के श्रमिक हैं, उन्हें समस्त योजनाओं का लाभ पंचायत समितियां देंगी। पूर्व में पंचायत समितियों से यह अधिकार ले लिया गया था। कलेक्टर ने बताया कि श्रमिक पंजीयन योजना में जिले में 1 लाख 66 हजार से अधिक श्रमिकों का पंजीयन किया गया है। इस योजना में श्रमिक की 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुकी दो पुत्रियों को 55-55 हजार रुपए, आवास के लिए डेढ़ लाख तथा टूलकिट के लिए 2000 रुपए राशि देने का प्रावधान है।