श्रीगंगानगर| हमारे राज्य की लड़कियों ने आत्मरक्षा के लिए कराटे को मजबूत हथियार के तौर पर लिया है। इसी का नतीजा है कि बीते 10 सालों में इस खेल में लड़कों की संख्या 25 फीसदी ही रह गई जबकि लड़कियां बढ़कर 75 फीसदी हो गई हैं। कराटे लड़कियों में न केवल आत्मविश्वास बढ़ा रहा है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल दिलाकर बेटियों ने राज्य का नाम भी ऊंचा किया है। यह सिलसिला आज से पांच साल पहले ही चला था जो अब एक कारवां बन गया है। कराटे के प्रति लड़कियों और उनके अभिभावकों की बढ़ रही रूचि समाज में भी सकारात्मक संकेत है। इससे छात्राएं शारीरिक और मानसिक रूप से इतनी मजबूत हो रही हैं कि वे किसी भी विकट परिस्थिति में खुद ही निपट सकती हैं। देशभर में लड़कियों के प्रति अपराधों की संख्या बढ़ती जा रही है। इसलिए ये बेहद जरूरी है कि लड़कियां अपराधियों से निपटने मे सक्षम हों। इसी कड़ी में प्रदेश की लड़कियां आत्मरक्षा के गुर सीखने सहित कराटे स्टेट व नेशनल सहित इंटरनेशनल चैंपियनशिप में बढ़चढ़ कर भाग ले रही हैं। यह शुभ संकेत हैं। राज्य से हर साल करीब 400 से ज्यादा लड़कियां नेशनल गोल्ड मेडल जीत कर ला रही हैं।
बेटों से ज्यादा मेडल ला रही है बेटियां, 10 साल में 75 फीसदी तक कराटे में बढ़ी है राज्य की लड़कियों की भागीदारी
पांच सालों में ही मेडलों की फेहरिस्त, सरकार ने फिर भी नहीं किया पाठ्यक्रम में कराटे को शामिल
भारती स्वामी, ब्लैक बेल्ट, उम्र 28
मार्शल आर्ट हमें अपनी कमजोरी पर दिलाता है जीत
भारती स्वामी 8 साल पहले ब्लैक बेल्ट खिताब हासिल कर चुकी है। नेशनल चैंपियनशिप में अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन दिखा चुकी है। उन्होंने नेपाल में आयोजित इंटरनेशनल चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल हासिल किया। वे छोटे बच्चों को कराटे सिखाती है, ताकि बच्चे बचपन से निडर हों।
अाकृति संवेलया, जयपुर
बेटियों को भी कराटे सिखा जगा रही आत्मविश्वास
जयपुर की आकृति संवेलया ने 2016 में 7 वें स्टेट कॉम्पिटिशन में गोल्ड, 7 वां आईएमएएस स्टेट कराटे चैंपियनशिप, 7वां आईएमएएस नेशनल कराटे चैँपियनशिप 2017 में सिल्वर मेडल सहित कई गोल्ड मेडल जीते। वे भी दूसरी लड़कियों को कराटे सिखा रही हैं ताकि दूसरी लड़कियां भी आत्मविश्वास से आगे बढ़ें।
जुबीन खान, चितौड़गढ़
मार्शल आर्ट का मतलब खुद की कमजोरी को हराना
चित्तौड़गढ़ की जुबीन खान ने नॉर्थ जोन इंटर स्कूल कराटे चैंपियनशिप नवंबर 2017 में सिल्वर , आठवां आईएमएएस नेशनल कराटे चैंपियनशिप जनवरी 2018 में ब्रांज मेडल जीत कर प्रदेश का नाम रोशन किया। उन्होंने बताया कि मार्शल आर्ट का मतलब खुद की कमजोरी को हराना है, किसी से डरना नहीं।
कृतिका, ब्लैक बेल्ट, उम्र 19
मां-बाप ने हमेशा चाहा कि मैं आत्मनिर्भर बनूं
अजमेर की कृतिका चौहान ब्लैक बेल्ट है। वें कराटे इंटरनेशनल चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल व ओपन नेशनल कराटे में गोल्ड मेडलिस्ट है। उनका कहना है कि मार्शल आर्ट हमें खुद को पहचानने का मौका देता है। मां-पापा ने हमेशा चाहा कि मैं आत्मनिर्भर बनूं, इसलिए उनका सहयोग शुरू से ही रहा है।
कन्या लोहड़ी महोत्सव के तहत 100 कन्याओं को निशुल्क ट्रेनिंग: कराटे कोच धर्मेंद्र देवर्थ ने बताया कि कन्या लोहड़ी महोत्सव के तहत श्रीगंगानगर जिले की 100 कन्याओं को आत्मरक्षा के निशुल्क गुर सिखाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सरकारी व निजी स्कूलों में लड़कियों के लिए कराटे अनिवार्य करने के लिए बीकानेर शिक्षा विभाग को कई बार पत्र लिखा जा चुका है। जबकि अन्य राज्यों की स्कूलों में लड़कियों को कराटे अनिवार्य रूप से सिखाए जा रहे हैं।