भास्कर संवाददाता| श्रीगंगानगर
ब्यास नदी के जहरीले केमिकल युक्त पानी को पंजाब में हरिके हैड पर रोका गया है। अब यही जहरीला पानी आईजीएनपी व सरहिंद फीडर के माध्यम से राजस्थान व पंजाब की नहरों में प्रवाहित किया जाएगा। हमारे यहां भी यही पानी आएगा। हालांकि जहरीले पानी का प्रभाव कम करने के लिए पोंग डेम से ब्यास नदी में 2500 क्यूसेक पानी की मात्रा बढ़ाई गई है। बढ़ा हुआ पानी हरिके पहुंचने पर इस पानी को नहरों में छोड़ा जाएगा। ब्यास नदी में केमिकल युक्त जहरीले पानी से मछलियां मरने की घटना के बाद पानी की मात्रा बढ़ाई गई है। ताकि पानी के जहरीलेपन को कम किया जा सके। पहले ब्यास नदी में चार हजार क्यूसेक पानी प्रवाहित हो रहा था। 2500 क्यूसेक पानी की मात्रा डेम से बढ़ाए जाने के बाद ब्यास नदी में पानी की मात्रा बढ़कर 6500 क्यूसेक हो गई है। गंगनहर प्रोजेक्ट के पूर्व चेयरमैन गुरबलपाल सिंह ने आरोप लगाया कि गंगनहर में जो वर्तमान में पानी प्रवाहित हो रहा है वह केमिकलयुक्त जहरीला पानी ही है। अब पंजाब में मछलियां मरने की घटना होने के बाद वहां के अधिकारी पानी की मात्रा बढ़ाकर केमिकल के प्रभाव को कम करने की बात कह रहे हैं। उन्होंने बताया कि हरिके पर ब्यास व सतलुज का संगम है। ब्यास में तो पानी फिर भी ठीक होता है, लेकिन सतलुज में तो फैक्ट्रियों से निकलने वाले अपशिष्ट केमिकल इसमें प्रवाहित होते हैं। यही पानी राजस्थान की नहरों में लंबे समय से प्रवाहित होता है। किसान संघर्ष समिति के प्रवक्ता सुभाष सहगल ने बताया कि नहरों में जहरीला पानी प्रवाहित होने के बारे में अधिकारियों को भी पता है, लेकिन इसकी रोकथाम के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
ब्यास नदी में पानी की मात्रा बढ़कर 6500 क्यूसेक हुई, रोकथाम के स्थायी प्रयास नहीं
नहरों में आ रहे जहरीले पानी से मुक्ति दिलाने की मांग
भाजपा जिला कार्यकारिणी सदस्य चंद्रसिंह राठौड़ ने सिंचाई मंत्री, जलदाय मंत्री से पंजाब से नहरों में आ रहे जहरीले पानी से मुक्ति दिलाने की मांग की है। राठौड़ ने बताया कि शुगर मिल के केमिकल का ब्यास नदी में रिसाव वाला जहरीला पानी श्रीगंगानगर की जनता को पीने के लिए सप्लाई किया जा रहा है। उन्होंने भाजपा सरकार से जहरीले पानी की रोकथाम के लिए सख्त कदम उठाने व लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाने की मांग की है।
किसान संगठनों ने पंजाब व राजस्थान के अधिकारियों को सौंपे ज्ञापन
पंजाब में केमिकल युक्त जहरीले पानी से हजारों जलीय जीव मरने की घटना के बाद अखिल भारतीय किसान सभा व किसान संघर्ष समिति पदाधिकारियों ने पंजाब व राजस्थान के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर जहरीले पानी की रोकथाम कर शुद्ध पानी प्रवाहित करने की मांग की है। अखिल भारतीय किसान सभा व किसान संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने अबोहर में सिंचाई अधिकारियों को सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा व श्रीगंगानगर में एडीएम प्रशासन नख्तदान बारहठ को इस मामले से अवगत करवाने हुए ज्ञापन दिया। ज्ञापन देने वालों में अमर सिंह बिश्नोई, सुभाष सहगल विजय रेवाड एवं सुभाष सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल थे।