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शहर के बच्चों और युवाओं ने जानी सेना के हथियारों की मारक क्षमता, जगा देश की सेवा करने का जज्बा

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता|श्रीगंगानगर

सेना की अमोघ डिवीजन की ओर से मंगलवार को महाराजा गंगासिंह स्टेडियम में हथियार प्रदर्शनी लगाई गई। इलाके के बच्चों व युवाओं में देश सेवा एवं सेना के प्रति जज्बा जागृत करने के लिए लगाई गई प्रदर्शनी देखने के लिए पहुंचे स्कूल-कॉलेजों के विद्यार्थियों के अलावा आमजन ने हथियारों के प्रति जिज्ञासा जताते हुए जाना कि किस तरह हमारी सेना सीमा पार से आने वाले दुश्मन को दूर से ही देखकर टारगेट करती है।

युवाओं ने सेना में भर्ती होने का मन भी बनाया : युवाओं ने आधुनिक तकनीक से बने मोर्टार, रॉकेट लांचर, मल्टी शॉट ग्रेनेड लांचर, ऑटो ग्रेनेड लांचर, क्रू सर्वेड वेपन व पैसिव नाइट विजन आदि की विस्तार से जानकारी ली। विद्यार्थियों ने हथियार देखने के साथ-साथ जवानों से उसकी मारक क्षमता और हथियार चलाने से संबंधित प्रश्न भी किए। ऐसे युवा भी सामने आए जिन्होंने देश सेवा के लिए सेना में भर्ती होने का मन बनाया। सेना के सूबेदार मेजर पुष्कर सिंह भंडारी ने बताया कि श्रीगंगानगर जिला बॉर्डर से लगता हुआ है और यहां के लोगो में सेना के प्रति जानकारी का अभाव है। सीमा पर सेना किस तरह से काम करती है, इसकी जानकारी देना हमारा प्रमुख उद्देश्य है।

भारतीय हथियारों की मारक क्षमता विदेशी हथियारों से भी ज्यादा

भारतीय हथियारों की मारक क्षमता विदेशी हथियारों से भी ज्यादा

प्रदर्शनी में हथियारों की जानकारी दे रहे जवानों ने बताया कि भारतीय निर्मित आईएनएस एलएमजी 5.56 हथियार का वजन 6.23 किलोग्राम है और इसकी मारक क्षमता 700 मीटर तक है। जबकि विदेशी निर्मित हथियार 7.62 एलएमजी हथियार का वजन 9.24 किलोग्राम है, जबकि इसकी मारक क्षमता भी 500 मीटर ही है। इसके अलावा प्रदर्शनी में युवाओं को रॉकेट लांचर की भी जानकारी दी गई। इसकी मारक क्षमता 2100 मीटर और वजन 10 किलोग्राम बताया गया। जवानों ने बताया कि रॉकेट लांचर का इस्तेमाल टैंक को उड़ाने के लिए किया जा सकता है। जबकि यदि रात के अंधेरे में इसका हवाई फायर किया जाए तो करीब 40 सैकंड तक 500 मीटर एरिया तक रोशनी हो जाती है।

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