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पायलट ने रनवे पर देरी से उतारा विमान, अनियंत्रित हो चारदीवारी तोड़ पेड़ में अटका, 7 यात्रियों समेत 9 लोग सवार थे, सभी सुरक्षित

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता|श्रीगंगानगर/लालगढ़

जयपुर से श्रीगंगानगर के बीच 11 जुलाई से शुरू हुआ विमान यहां श्रीगंगानगर की लालगढ़ हवाई पट्टी पर मंगलवार शाम दुर्घटनाग्रस्त हो गया। रनवे पर अनियंत्रित विमान ने पहले तो चारदीवारी तोड़ी, फिर खाली भूखंड पर कटे पेड़ में जाकर अटक गया। विमान में 2 पायलट व 7 यात्री थे और सभी सुरक्षित हैं। पूरे हादसे में विमान उड़ा रहे पायलट की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यात्रियों ने ‘भास्कर’ को बताया कि पायलट ने ही विमान को रनवे पर देरी से उतारा था और जब उतारा, तब तक अनियंत्रित हो चारदीवारी से जा टकराया। वहीं, कंपनी सुप्रीम एयरलाइंस ने प्रेस रिलीज जारी कर हादसे के लिए हवाई पट्टी पर पक्षियों को जिम्मेदार ठहराया है। बहरहाल, हादसे के कारणों की जांच शुरू हो गई है। तब तक यहां विमान सेवा बंद रहेगी।

मिली जानकारी के अनुसार, सुप्रीम एयरलाइंस के 9 सीटर (2 पायलट व 9 यात्री) विमान ने शाम चार बजे जयपुर से लालगढ़ के लिए उड़ान भरी थी। विमान यहां शाम करीब 5:40 बजे पहुंचा। जैसे ही पायलट ने विमान को रनवे पर उतारा, विमान अनियंत्रित हो गया। विमान की स्पीड इतनी थी कि पायलट भी उस पर नियंत्रण नहीं कर पाया और वह चारदीवारी तोड़ते हुए खाली भूखंड पर कटे पेड़ से जा टकराया। हादसे के बाद वहां हड़कंप मच गया। तुरत-फुरत यात्रियों को इमरजेंसी गेट से बाहर निकाला गया। सूचना मिलते ही सीओ ग्रामीण आईपीएस मृदुल कच्छावा, एसडीएम यशपाल आहुजा सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। बताया जा रहा है कि रनवे पर बनी चारदीवारी के साथ खाली भूखंड करीब 7 से 10 फीट नीचे हैं। यानी वहां पेड़ न होता तो विमान खाली भूखंड में जा गिरता। इससे बड़ा हादसा हो सकता था। दमकल अधिकारी गौतमपाल ने बताया कि हादसे के बाद विमान के पंखे में आग भी लगी, जिसे तत्काल बुझा लिया गया।

जोधपुर आैर अहमदाबाद से भी संचालन रोका

श्रीगंगानगर में दुर्घटना के बाद सुप्रीम एयरलाइंस ने जयपुर से जोधपुर व अहमदाबाद के बीच भी फ्लाइट सेवा को रोकने का निर्णय लिया है। राजस्थान के अन्य शहरों से भी एयर कनेक्टिविटी फिलहाल बाधित रहेगी। सुप्रीम की ये फ्लाइट सुबह साढ़े नौ बजे जयपुर से जोधपुर आती थी, यहां से दस बजे अहमदाबाद रवाना होती थी। वहां से दोपहर पौने बारह बजे रवाना होकर दोपहर सवा एक बजे जोधपुर पहुंचती थी।

कब हुअा: लालगढ़ हवाई पट्टी पर शाम 5:40 बजे लैंडिंग के दौरान हुआ हादसा

कंपनी का बहाना: हवाई पट्टी पर पक्षी के टकराने से हुई विमान दुर्घटना

हवाई सेवा

भास्कर ने उन यात्रियों से बात की, जो हादसे के दौरान विमान में थे

पायलट की लापरवाही से ही हुअा हादसा, कार्रवाई हो

इस विमान में सिहाग नर्सिंग होम के डॉ. सोहनलाल सिहाग सवार थे। सिहाग ने बताया कि रन-वे पर पायलट ने लैंडिंग देरी से कराई। इससे हवाई पट्टी छोटी पड़ गई और विमान दीवार पर जा चढ़ा। यह तो गनीमत रही कि विमान आगे काटे गए पेड़ के तने पर जा टिका। ऐसे लापरवाह पायलट पर कार्रवाई होनी चाहिए।

सीधी बात

भास्कर- यात्रियों का कहना है कि हादसे में पायलट की लापरवाही है?

सीईओ- हादसा वहां रनवे पर पक्षी से टकराने के बाद हुआ। हमने डीजीसीए (डायरेक्टर जनरल सिविल एविएशन) को सूचना दे दी है।

भास्कर- अब विमान सेवा कितने दिन बाद सुचारू होगी?

सीईओ- डीजीसीए के निरीक्षण के बाद ही अब दुबारा सेवा शुरू होगी। तब तक इसे बंद रखा जाएगा।

जल्दबाजी में 11 जुलाई से शुरू हुई थी हवा-हवाई सेवा, सुविधाएं बस स्टैंड से भी बदत्तर

श्रीगंगानगर से जयपुर के बीच यह विमान सेवा शुरू से ही विवादों में घिरी रही। 10 जुलाई को इस विमान सेवा को जयपुर से सीएम वसुंधरा राजे ने हरी झंडी दिखाई थी और 11 जुलाई से विमान ने विधिवत रूप से फेरे लगाने शुरू किए।

डीजीसीए की क्लीन िचट तक बंद रहेगी श्रीगंगानगर में हवाई सेवा

आधा रन-वे कवर करने के बाद तो विमान को उतारा, फिर स्पीड ही कंट्रोल नहीं हुई

सीईओ अमित अग्रवाल का दावा- पक्षी से टकराया, फिर रनवे पर हादसा

विमान का पंखा 10 फीट नीचे गिरा।

श्रीगंगानगर की मेघा गर्ग भी इसी विमान में थीं। मेघा अपनी बेटी को जयपुर पढ़ने को छोड़ने गई थी। अपने कपड़ों के शोरूम के लिए खरीदारी करके लौट रही मेघा ने बताया कि गलती पायलट की थी। उन्होंने आधा रन-वे कवर होने के बाद विमान उतारा। घर पहुंचने के बाद मेघा ने पहले मंदिर में माथा टेका। यहां यात्रियों के लिए न तो बैठने को वेटिंग रूम है और न ही बिजली-पानी-शौचालय की सुविधा।

हवाई पट्‌टी के चारों ओर चारदीवारी ही नहीं है, जिस कारण रनवे पर आवारा पशु अक्सर आ जाते हैं।

बच गए दंपती, बोले- आज तो महाराज जी ने बचा लिया

इस विमान में 14बीबी के हरजिंद्रसिंह और उनकी प|ी सुखवीरकौर भी सवार थे। बकौल हरजिंद्र, विमान दीवार से टकराने के बाद पायलट ने एमरजेंसी दरवाजे खोले जिनसे हम बाहर आए। हादसे का कारण लैंडिंग लेट होना भी हो सकता है। सुखवीरकौर ने कहा, महाराज जी का शुक्र है कि आज उन्होंने हम सबको बचा लिया।

पेड़ व दीवार के बीच में फंसा विमान यहां स्थायी एंबुलेंस और डॉक्टरों की टीम तक नहीं है। हादसे के दौरान भी यहां केवल दमकल ही मौजूद थी।

पाकिस्तान से सटे लालगढ़ हवाई पट्टी की सुरक्षा 0 है। यहां न तो यात्रियों की जांच होती है और न ही सामान की।

आप खुद देखिए, यदि पेड़ न होता तो यह विमान चारदीवारी तोड़ 8 फीट नीचे इस भूखंड में आता। इससे बड़ा हादसा हो सकता था।

हादसे के कारण

विमान देरी से उतारना

‘भास्कर’ ने विमान के यात्रियों से बात की तो सभी का कहना था कि पायलट ने विमान ही रनवे पर काफी देरी से उतारा था। एक यात्री ने बताया कि वह 5 बार पहले भी इसी विमान में आ चुका है। हमेशा विमान की जहां लैंडिंग होती है, आज उससे काफी दूर हुई।

अनियंत्रित होना

लैंडिंग देरी से होने के कारण विमान की स्पीड एकाएक बढ़ गई और वह अनियंत्रित हो गया। इसके बाद उसे पायलट भी नियंत्रित नहीं कर पाया और हवाई पट्टी भी छोटी होने के कारण विमान सीधे चारदीवारी से ही जा टकराया। हादसे के बाद पायलट ने यात्रियों से खेद भी जताया।

सोशल मीडिया

कहीं विमान को लोक परिवहन का ड्राइवर तो नहीं चला रहा था। राकेश कुमार

उड़ती तो सदा ही देखी, आज फसेड़ी भी देखे ली। रवि

लालगढ़ बस स्टैंड पर सवारी उतारनी थी, दीवार आ गई। संदीप कुमार

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