कमीशनखोरी में बीआरसी, सब इंजीनियर को 3 साल की सजा
सोहागपुर| निर्माण में अधिक राशि का मूल्यांकन व कमीशनखोरी करने के आरोप में न्यायाधीश प्रेमा साहू ने तत्कालीन बीआरसी जेएल चौरे और सब इंजीनियर एके कुराशिया को तीन-तीन साल की सजा और अर्थदंड से दंडित किया। एडीपीओ अनीशा खान के मुताबिक चांदीखेड़ी के प्राइमरी भवन व माध्यमिक विभाग के अतिरिक्त कक्ष के मूल्यांकन में 3700-3700 रुपए का कमीशन अधिकारियों ने मांगा था। सहायक शिक्षक डीपी दुबे ने शिकायत कलेक्टर से की थी।
ग्रामीण यांत्रिकी विभाग ने जांच कर सब इंजीनियर को 14,844 रुपए अधिक मूल्यांकन का दोषी पाया। जांच प्रतिवेदन पर कलेक्टर ने 9 सितंबर 2004 में धारा 409 व 420 में मामला दर्ज कराया था। प्रथम दृष्ट्या सब इंजीनियर को प्रकरण में आरोपी बनाया था। बीआरसी को दोषी मानते हुए न्यायालय में आरोपी बनाया।
दोनों को तीन-तीन साल की सजा और 5 और 1 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई। यह राशि जमा नहीं करने पर क्रमश: 3 और 1 माह की सजा अलग से भुगतनी होगी। मामले में शिक्षक ने अधिकारियों की मनमानी के खिलाफ आवाज बुलंद की। शिक्षक ने कमीशन की राशि वेतन से दी थी। यह शिकायत भी कलेक्टर को की थी।