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बारिश होते ही टापू की तरह नजर आते हैं भंवरगढ़, भोथीडीह, भैंसा और संकरी

3 वर्ष पहले
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जमनईया और बिछलवा नालों पर पुल निर्माण नहीं होने से आसपास के गांवों के निवासियों से राहगीरों को खासी परेशानियाें का सामना करना पड़ रहा है। आलम यह है कि भंवरगढ़ पंचायत मुख्यालय से बरसात में जमनईयां नाला के कारण आश्रित ग्राम चार से छह महीने तक कट जाते हैं। इसी तरह सहकारी समिति मुख्यालय केशली को जमनईया नाला ही करेली, संकरी, भैंसा आदि आश्रित गांवों से अलग कर देता है। नवापारा से संकरी के बीच बना आधा अधूरा रपटा का मुरुम मिट्टी बरसात की पहली बाढ़ में बह जाती है। सुहेला-भाटापारा मुख्य मार्ग में डिग्गी और जरौद गांवों के बीच बने रपटे पर आवागमन थोड़ी भी बारिश यातायात रोक देती है।

दो छोर से जमनईया नाला से घिरा है गांव : भंवरगढ़ के त्रिलोक वर्मा, द्वारिका वर्मा, सालिक साहू ने बताया कि दो छोर से जमनईया नाला से घिरा गांव बरसात में टापू बन जाता है। वहीं जांगड़ा, सिनोधा, सुहेला की ओर आने-जाने के लिए सड़क मार्ग ढंग का नहीं है। पुल न सही रपटा ही बना दे सरकार तो भी काफी होगा। पंचायत के आश्रित गांव भोथीडीह के मिलउ राम वार्म, लक्ष्मीकांत परमार ने बताया कि नाला के बिना राशन सरपंच से मिलने सहित हम मुख्यालय जाने से वंचित हो जाते हैं।

केसली सहकारी समिति के अध्यक्ष धर्मेन्द्र बघेल ने कहा कि बीच में पड़ने वाला जमनईया नाला संकरी ,भैंसा करेली के ग्रामीणों का मार्ग अवरूद्ध कर देता है हमें फसलों के लिए खाद राशन आदि के लिए महज 3 किमी दूर समिति मुख्यालय जाने हेतु पौसरी , उड़ेला होते हुए सात किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है। केसली की माधुरी , लक्ष्मी निषाद ने कहा कि हमारी खेती संकरी , भैंसा खार में है जिसमे खरीफ , रबी के अलावा सब्जी फसलें भी लेती है। इसलिए बारह महीनों कूद-फांदकर आना पड़ता है । करेली के परदेशी यादव भैंसा के दौवाराम , केसली के शिवकुमार आदि ने बताया कि समिति मुख्यालय तक रोज आना जाना रहता है चार पांच किलोमीटर की दूरी से बचने कच्ची सड़कें व नाला पार कर ही निकलते हैं कई बार पानी रहने पर छोटा मोटा हादसा भी हो जाता है। भंवरगढ़ व भोथीडीह के बीच व संकरी, भैंसा व केसली के बीच पड़ने वाले जमनईया नाला के दोनों स्थानों पर स्वीकृति प्रस्ताव, बजट, इस्टीमेट के बाद सर्वे हो चुका है। वहां पर बोर खनन कर पत्थर मिट्टी की जांच भी की गई है, लेकिन उसके बाद सालों से काम रोक दिया गया है। केसली सरपंच धनेश्वरी संजय वर्मा, संकरी सरपंच मंजू धर्मेन्द बघेल, भंवरगढ़ सरपंच शिवकुमार रात्रे , सिनोधा सरपंच झालाराम वर्मा, लोहारी सरपंच नारायणी दिलीप वर्मा, सहित प्रभावित गांवों के पंचायत प्रतिनिधियों ने शासन व विभाग से दोनों स्थानों पर पुल निर्माण की मांग की है।

सुहेला. केसली से भैंसा , संकरी गांवों के बीच पड़ने वाला जमनईया नाला ।

दोनों स्थानों पर पुल का प्रस्ताव भेजा था: एसडीओ केके यादव

लोक निर्माण सेतु निगम के एसडीओ केके यादव ने बताया कि दोनों स्थानों पर पुल बनाने को लेकर प्रस्ताव गया है। बजट में भी आया है। इस्टीमेट तैयार कर शासन को भेज दिया गया है, लेकिन जब तक प्रशासकीय स्वीकृति नहीं मिलेगी कार्य प्रारंभ नहीं हो पाएगा।

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