किस्टारम से लगभग 12 किमी दूर तुमीरपाड़ के जंगलों में नक्सलियों की मिलिट्री बटालियन की एक कम्पनी के साथ शुक्रवार की दोपहर लगभग दो घंटे तक चली मुठभेड़ के बाद नक्सली भाग खड़े हुए थे। पुलिस ने मुठभेड़ में बड़ी संख्या में नक्सलियों के मारे जाने व घायल होने का दावा किया था।
शनिवार देर शाम एनकाउंटर में मारे गए नक्सली मुचाकी हिड़मा का शव ट्रैक्टर में लादकर नक्सली रामपुरम गांव पहुंचे और शव परिजनों को सौंपा। तुमीरपाड़ एनकाउंटर के दौरान हिड़मा के सीने में गोली लगने व उपचार के दौरान उसकी मौत होने की बात नक्सलियों ने परिजनों से कही।
जल्द से जल्द अंतिम संस्कार करने की बात कहकर नक्सली लौट गए। रविवार सुबह परिजनों ने मुचाकी हिड़मा का अंतिम संस्कार कर दिया। इधर पुलिस को मामले की सूचना मिलने के बाद फोर्स की टुकड़ी भी रविवार को गोलापल्ली थाना क्षेत्र के रामपुरम गांव पहुंची। पुलिस के गांव पहुंचने से पहले परिजनों ने हिड़मा का अंतिम संस्कार कर दिया था। एसपी अभिषेक मीणा ने बताया तुमीरपाड़ व गट्टापाड़ के जंगलों में शुक्रवार दोपहर हुई मुठभेड़ में नक्सलियों को काफी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में नक्सली मारे व घायल होने की सूचनाएं मिल रही है। पड़ताल जारी होने की बात कहते हुए एसपी ने बताया कि हिड़मा 2013 से नक्सलियों के बटालियन नंबर वन में मेंबर के रुप में सक्रिय था।
सुकमा। नक्सली मुचाकी हिड़मा के परिजन व ग्रामीण शव का अंतिम संस्कार करते हुए।
तीरथगढ़ में मिली लाश की अब तक नहीं हो पाई पहचान
जगदलपुर|तीरथगढ़ जलप्रपात के पास मिली नग्न जली लाश के मामले में पुलिस के हाथ खाली हैं लगातार प्रयासों के बाद भी घटना के एक सप्ताह के बाद भी पुलिस न तो मृत युवती की शिनाख्त कर पाई है न ही उसकी हत्या के संबंध में कोई क्लू जुटा पाई है।
पुलिस की पूरी जांच लोगों के अलग-अलग बयानों में उलझ कर रह गई है। घटना के बाद मामले की जांच में जुटी पुलिस को पहले कुछ स्थानीय लोगों ने एक लाल रंग की गाड़ी में दो युवकों के साथ एक युवती के आने की कहानी बताई थी। इसके बाद कुछ लोगों ने सफेद रंग की गाड़ी में कुछ युवक और युवती के आने की कहानी सुनाई।
लाश मिलने के तुरंत बाद पुलिस ने युवती के शादी समारोह में शामिल होने के लिए आने वाले एंगल से जांच की लेकिन इसमें भी कुछ खास हासिल नहीं हुआ। इसी तरह तीरथगढ़ के आसपास के एक दर्जन गांवों में भी पुलिस पहुंची लेकिन यहां से उसे कोई विशेष जानकारी नहीं मिल पाई। लोगों के बयानों के आधार पर पुलिस की एक टीम ओडिशा भी गई लेकिन वहां भी नतीजा सिफर रहा। पुलिस अफसरों का कहना है कि इस मामले में सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि मृतका की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। अफसरों की मानें तो पिछले सात दिनों में आस-पास के किसी भी थाने में किसी भी युवती की गुमशुदगी की रिपोर्ट भी नहीं पहुंची है। ऐसे में अब यह मामला पुलिस के लिए पेचीदा हो चला है।
बयान में उलझी जांच, कोई लाल तो कोई सफेद गाड़ी में आए थे कह रहे लोग