भास्कर संवाददाता|बिश्रामपुर
क्षेत्र के डेढ़ किलोमीटर दायरे में राष्ट्रीय राजमार्ग 43 के सड़क चौड़ीकरण डिवाइडर दोनों छोरों पर डेढ़ मीटर चौड़ी नाली निर्माण की कार्य योजना नवंबर से शुरु की गई थी। इस योजना को प्रारंभ करने से पूर्व एनएच विभाग के एसडीओ एवं इंजीनियर ने जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग की मदद से सड़क चौड़ीकरण के दायरे के भीतर आ रहे मुख्य बाजार शिवनंदनपुर एवं सतपता की दर्जनों दुकानों को एक सप्ताह के भीतर ही बलपूर्वक तोड़कर कार्य कराने हेतु दायरा क्षेत्र खाली कराया था जिस तेज गति से दुकानों एवं मकानों को तोड़कर क्षेत्र की सौंदर्यीकरण करने का आश्वासन दिया गया उतनी ही धीरे कछुआ चाल से काम की प्रगति चल रही है। होली त्यौहार के बाद से तो ठेकेदार को लेबर एवं कामगार ही क्षेत्र में काम करने को नहीं मिल रहे हैं।
एक माह से अधिक समय से काम बंद: एनएच चौड़ीकरण कार्य के तहत रोड पिचिंग की दो पैच अभी भी अधूरी है। ठेकेदार के कामगारों द्वारा सड़क के दोनों कोनों पर गड्ढा खोद कर छोड़ दिया गया है। रोड पीचिंग का काम एक माह से बंद है। ठेकेदार ने पोल शिफ्टिंग न हो पाने का हवाला देते हुए काम बंद कर दिया है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने विद्युत विभाग को पोल शिफ्टिंग एवं मरम्मत कार्य कराने का खर्च के रुप में राशि डेढ़ साल पूर्व ही प्रदान कर दी गई थी। इतना समय गुजरने के बाद भी विद्युत विभाग के उदासीन एवं ढीली कार्यशैली प्रक्रिया से स्थानीय नागरिक परेशान हैं।
नाली ऊंचाई की मरम्मत भी नहीं हो पाई
सड़क के दोनों छोरों पर नाली निर्माण मापदंड से कहीं अधिक ऊंचा कर दिया गया है। एनएच विभाग के अधिकारियों के आश्वासन के बाद भी मरम्मत कर ऊंचाई कम नहीं की गई। मुख्य मार्ग की दुकानों के भीतर ग्राहक अधिक ऊंचाई के कारण घुस नहीं पा रहे हैं। सड़क से दुकानों के बीच में पड़ रही ऊंची नाली एक डिवाइडर का रोल निभा रही है। कोल माइंस होने के कारण भारी भरकम मालवाहक वाहन एनएच से ही कोयला परिवहन करते हैं इस दौरान कोयला लोड भारी वाहनों द्वारा तिरपाल ढंक कर भी गाड़ी नहीं चलाई जाती है। सड़क निर्माण अधूरा रह जाने से उड़ती धूल और कोलडस्ट से ग्राम शिवनंदनपुर सपपता एवं कुंजनगर के ग्रामीण परेशान हैं। जिला प्रशासन एवं एसईसीएल प्रबंधन द्वारा ग्रामीणों को कोल डस्ट से निजात दिलाने कोई पहल नहीं की जाती है।
भास्कर संवाददाता|बिश्रामपुर
क्षेत्र के डेढ़ किलोमीटर दायरे में राष्ट्रीय राजमार्ग 43 के सड़क चौड़ीकरण डिवाइडर दोनों छोरों पर डेढ़ मीटर चौड़ी नाली निर्माण की कार्य योजना नवंबर से शुरु की गई थी। इस योजना को प्रारंभ करने से पूर्व एनएच विभाग के एसडीओ एवं इंजीनियर ने जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग की मदद से सड़क चौड़ीकरण के दायरे के भीतर आ रहे मुख्य बाजार शिवनंदनपुर एवं सतपता की दर्जनों दुकानों को एक सप्ताह के भीतर ही बलपूर्वक तोड़कर कार्य कराने हेतु दायरा क्षेत्र खाली कराया था जिस तेज गति से दुकानों एवं मकानों को तोड़कर क्षेत्र की सौंदर्यीकरण करने का आश्वासन दिया गया उतनी ही धीरे कछुआ चाल से काम की प्रगति चल रही है। होली त्यौहार के बाद से तो ठेकेदार को लेबर एवं कामगार ही क्षेत्र में काम करने को नहीं मिल रहे हैं।
एक माह से अधिक समय से काम बंद: एनएच चौड़ीकरण कार्य के तहत रोड पिचिंग की दो पैच अभी भी अधूरी है। ठेकेदार के कामगारों द्वारा सड़क के दोनों कोनों पर गड्ढा खोद कर छोड़ दिया गया है। रोड पीचिंग का काम एक माह से बंद है। ठेकेदार ने पोल शिफ्टिंग न हो पाने का हवाला देते हुए काम बंद कर दिया है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने विद्युत विभाग को पोल शिफ्टिंग एवं मरम्मत कार्य कराने का खर्च के रुप में राशि डेढ़ साल पूर्व ही प्रदान कर दी गई थी। इतना समय गुजरने के बाद भी विद्युत विभाग के उदासीन एवं ढीली कार्यशैली प्रक्रिया से स्थानीय नागरिक परेशान हैं।
जिला प्रशासन का ढीला रवैया, काम कराने में रहे नाकाम
सूरजपुर जिला के अपर कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर समेत कई प्रशासनिक अधिकारी एसईसीएल के बनाए बिश्रामपुर क्वाटर्स में ही रहते हैं। रोजाना जिला मुख्यालय सूरजपुर, बिश्रामपुर से ही आना जाना करते हैं परंतु क्षेत्र की समस्याओं के निराकरण हेतु उनके द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया गया। सूरजपुर कलेक्टर बिश्रामपुर क्षेत्र के चौड़ीकरण एवं नवीनीकरण कार्य योजना के निरीक्षण करने एक दिन भी दिखाई नहीं दिए। ग्रामीणों एवं नागरिकों को पिछले 7 माह से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।