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पांडवों ने बनाया था पंच देहरिया महादेव मंदिर, तीर्थ स्थल बनाएं

3 वर्ष पहले
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क्षेत्र के पश्चिम में स्थित पंच देहरिया महादेव मंदिर को पर्यटन स्थल घोषित करने की मांग काे लेकर सोमवार को जिले के दौरे पर आए प्रभारी मंत्री सुरेंद्र पटवा को नगर के युवाओं ने विश्राम गृह पर अपनी इस मांग से जुड़ा ज्ञापन सौंपा। युवाओं ने बताया नगर से 10 किमी दूर विध्यांचल पर्वत शृंखला पर पांडवों द्वारा स्थापित प्राचीन पंच देहरिया महादेव मंदिर स्थित है। श्रावण मास के दौरान यहां दूर-दूर से साधु-संत आकर तपस्या करते हैं। यह घटोत्कच्छ की जन्म स्थली होने से हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है। इस मंदिर का महा शिवपुराण में भी उल्लेख है। प्रतिवर्ष धार्मिक संगठनों द्वारा यहां पर अन्नकूट, भंडारा, भजन संध्या जैसे धार्मिक आयोजन किए जाते हैं। आसपास के 30 गांवों की समिति की पहल से यहां प्रतिदिन भजन-कीर्तन किए जाने से आपराधिक गतिविधियों पर रोक लग पाई है।

क्षेत्रवासियों द्वारा पिछले तीन वर्षों से मंदिर को पर्यटन स्थल घोषित किए जाने की मांग को लेकर कावड़ एवं कलश यात्रा निकाल जाती है। इसमें 25 हजार से भी अधिक श्रद्धालु शामिल होते हैं। साल में एक बार महाशिवरात्रि पर यहां मेले का आयोजन भी किया जाता है। यह मंदिर क्षेत्रवासियों की अटूट श्रद्धा, अास्था और विश्वास का केंद्र है। क्षेत्र की इस ऐतिहासिक और पौराणिक धरोहर को शासन द्वारा बचाया जाना अत्यंत आवश्यक है। सभी युवाओं ने आवेदन के जरिए जिला प्रभारी मंत्री से जल्द से जल्द पंच देहरिया महादेव मंदिर को पर्यटन स्थल घोषित किए जाने की मांग की। इस अवसर पर विधायक मुरलीधर पाटीदार, डाॅ. गजेंद्र सिंह चंद्रावत, मंडल अध्यक्ष महेश शर्मा, किसान मोर्चा जिलाअध्यक्ष लक्ष्मणसिंह कांवल, उपाध्यक्ष जंबू जैन, मोहन कानुड़िया, शंकर वर्मा, सादिक लाला, अंशुल जैन आदि मौजूद थे।

सुसनेर | जिले के प्रभारी मंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए।

विधायक बोले- मंत्रियों के दौरों की सूचना नहीं मिलती

आगर-मालवा | सोमवार को जिले के दौरे पर प्रभारी मंत्री सुरेंद्र पटवा पहुंचे। इस दौरान विधायक गोपाल परमार ने सुसनेर विधायक मुरलीधर पाटीदार के सामने ही कलेक्टर अजय गुप्ता से कहा कि कई बार मंत्रियों के दौरों की हमें सूचना ही नहीं मिलती। जब आगर-मालवा जिला नहीं था, तब कांग्रेस शासनकाल में शाजापुर में भी ऐसा होता था। मंत्री आकर चले जाते थे और सूचना नहीं मिलती थी। विधायक ने यह भी कहा कि दौरे की सूचना जिला कार्यालय या एसडीएम के माध्यम से मिलनी चाहिए। इससे पहले स्थानीय विश्राम गृह पर प्रभारी मंत्री का स्वागत किया गया।

प्रभारी मंत्री के रेस्ट हाउस पर आने से पहले प्रोटोकाॅल को लेकर विधायक गोपाल परमार व एसडीएम एमएस कवचे में बहस हो गई। जानकारी के अनुसार विधायक का कहना था कि प्रोटोकाॅल के तहत जनप्रतिनिधियों को जानकारी नहीं दी जाती है तथा जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा की जाती है। विधायक का यह भी कहना था कि जनप्रतिनिधियों को यथोचित सम्मान भी नहीं मिलता। अधिकारियों की एेसी कार्यप्रणाली से कार्य प्रभावित होते हैं। विधायक गोपाल परमार से एसडीएम से तीखी बहस होने के संबंध में बात की गई, तो उन्होंने कहा हमारी सामान्य चर्चा ही हुई थी।

आगर | प्रभारी मंत्री से चर्चा करते विधायक व कलेक्टर-एसपी।

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