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प्रारंभिक जांच में सामने आई गड़बड़ियां फिर भी रिकाॅर्ड नहीं किया जब्त

3 वर्ष पहले
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हितग्राहियों के पूर्णता प्रमाण-पत्र नहीं, 617 में से 388 की जीयो टेगिंग, फिर भी कैसे हो गया भुगतान

भास्कर संवाददाता | सुसनेर

नगरीय क्षेत्र में स्वच्छ भारत अभियान के तहत बनाए गए 617 शौचालयों में हितग्राहियों के निर्माण कार्य पूर्ण होने के प्रमाण-पत्र नहीं होने, बनाए गए शौचालयों में से 388 की जीयोे टैगिंग होने के बाद भी सभी शौचालयों का भुगतान कैसे हो गया। मामले की प्रारंभिक जांच में गड़बड़ियां सामने आ जाने के बाद भी अभी तक इससे जुड़ा रिकाॅर्ड जब्त नहीं किया गया है। इससे रिकाॅर्ड में हेरफेर होने की शंका पैदा हो रही है।

नगर परिषद से जुड़े कर्मचारी हितग्राहियों के घर-घर जाकर अपने-आपको बचाने के लिए कागजी खानापूर्ति पूरी करने में लगे हैं, ताकि मामले पर पर्दा डाला जा सके। इस समूचे मामले में गड़बड़ियों से जुड़े कर्मचारी ने अपनी अोर से सारी जानकारी लिखित में प्रशासन को दे दी है। इसमें गलत कार्य कराने के लिए दबाव डाले जाने की बात का जिक्र भी किया गया है। स्वच्छ भारत अभियान के तहत बनाए जाने वाले शौचालयों का निर्माण कार्य पूर्ण हो जाने पर कार्य पूर्णता का प्रमाण-पत्र तथा कराए गए कार्य के फोटो की जीयो टैगिंग हो जाने के बाद ही भुगतान किए जाने का प्रावधान है, मगर इस कार्य में इन नियमों की अनदेखी की जाकर अपने हितों को साधने के लिए मनमाफिक तरीके से भुगतान किया गया है।

जांच अधिकारी द्वारा माैके पर जांच के दौरान पत्रकारों के सामने आॅन रिकाॅर्ड कैमरे पर गड़बड़ियों की बात स्वीकार करने के बाद भी भुगतान से जुड़ा रिकाॅर्ड भी अभी तक जब्त नहीं किया गया है।

कर्मचारी हितग्राहियों के घर दे रहे है दस्तक

मामले का खुलासा होने के बाद परिषद के कर्मचारी ठेकेदार के कर्मचारियों के साथ हितग्राहियों के घर पर दस्तक देकर सारी खामियां जो रिकाॅर्ड में है, को दूर करने का प्रयास कर रहे हैं। साथ ही जिन हितग्राहियों के साथ धोखाधड़ी की गई है या जिनके घर शौचालयों का निर्माण नहीं हुआ और राशि निकाली गई है, उनको भी शौचालय का निर्माण शीघ्र करा देने का आश्वासन दे रहे हैं। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया जा रहा है।

घर जाकर निर्माण की जीयो टेगिंग का काम कर रहे हैं

परिषद के कर्मचारी जिन हितग्राहियों के निर्माण की जीयो टैगिंग नहीं हुई है, उनके घर जाकर निर्माण की जीयो टेगिंग का काम कर रहे हैं। ओ.पी. नागर, नगर परिषद सीएमओ सुसनेर।

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