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रोजाना नहीं खाएं ओट्स, माइग्रेन और कब्ज का रिस्क

3 वर्ष पहले
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आजकल ओट्स हैल्दी ब्रेकफास्ट बन चुका है। ब्रेकफास्ट के अलावा हैल्दी स्नैक्स के तौर पर इसको लोग खाने लगे हैं। लेकिन हम आपको बता दें कि ओट्स हैल्दी नहीं है। ओट्स इंटरनेशनल रिच फाइबर फूड है। जिसको डाइजेस्ट करने के लिए बॉडी की हीट यूज होती है। इसमें बीटा ग्लूटेन होता है जो कि हमारी बॉडी के मिनरल ऑब्जर्ब करने की क्षमता को रोकता है।

इंडिया में ओट्स में एक्सट्रा ग्लूटन डाला जाता है। जो और भी ज्यादा नुकसान करता है। इसमें हाई लेवल प्रोटीन पाया जाता है। जो कि डाइजेस्ट नहीं होता। जो लोग वेट लॉस के लिए सिर्फ ओट्स का सहारा लेते हैं वे अपने हैल्थ के साथ सही नहीं करते। अगर कभी-कभी इसे खाया जाएं तो ठीक है लेकिन अगर इसे ब्रेकफास्ट के रूप में लेना शुरू कर दिया जाएं तो इससे कई सारे नुकसान हो सकते हैं।

AYURVEDIC

स्लीपिंग साइकल डिस्टर्ब

इससे स्लीपिग साइकल डिस्टर्ब हो जाता है। नींद नहीं आना और बार-बार नींद खुलना जैसी परेशानियां इससे हो सकती हैं।

कब्ज की शिकायत

रेगुलर ओट्स खाने से कब्ज की शिकायत हो जाती है। क्योंकि ये फाइबर को अंदर ही रोक लेता है। फाइबर शरीर से बाहर नहीं निकल पाते, जिससे कब्ज की शिकायत हो जाती है।

-प्रो. गीतांजलि शर्मा, आयुर्वेदिक एक्सपर्ट

माइग्रेन

कई मरीजों को इससे माइग्रेन की शिकायत भी बताई है। ओट्स कई लोगों के लिए माइग्रेन ट्रिगर का काम करता है

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