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हिमाचल : एयर ट्यूब से सीधे बेड पर पहुंचेंगी दवाएं व टेस्ट रिपोर्ट, 750 करोड़ की लागत से 9 साल में बनकर तैयार हुआ 500 बेड का अस्पताल

3 वर्ष पहले
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हिमाचल प्रदेश में नेरचौक स्थित एसएलबीएस मेडिकल कॉलेज जर्मन की इफ्टो तकनीक से बनाया गया है। ये देश का पहला ऐसा अस्पताल है जहां मरीजों को दवाओं और विभिन्न जांचों की रिपोर्ट के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। ये सब एयर ट्यूब सिस्टम और स्पेशल लीक प्रूफ करियर की मदद से सीधे उनके बेड तक पहुंचेंगी। अस्पताल को ईएसआईसी ने बनवाया है। जिसमें 750 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। अब इसे राज्य सरकार के हैंडओवर कर दिया गया है। इसे बनाने में करीब नौ साल लगे। इस प्रोजेक्ट के तहत 500 बेड वाला अस्पताल बनाया गया है।

अस्पताल के 8 मंजिलों में 49 इफ्टो स्टेशन बनाए गए; एम्स और पीजीआई में भी नहीं है ये सुविधा

इफ्टो (इंटेग्रेटिड ट्रांसपोर्ट ऑप्टिमाइजेशन) तकनीक में मरीजों को दवाएं व टेस्ट रिपोर्ट बैड पर ही मिलेंगी। अस्पताल के विभिन्न वार्डों, ओटी, फॉमेर्सी, लैब व इमरजेंसी सेवाओं को इस सिस्टम से जोड़ा गया है। इसके लिए सेंट्रलाइज कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। 8 मंजिलों में 49 इफ्टो स्टेशन बनाए गए हैं। पूरे अस्पताल में करीब 2000 मीटर (2 किमी लंबी) 1.60 एमएम की ट्यूब बिछाई गई है। इसमें कैप्सूल टाइप का स्पेशल लीक प्रूफ करियर मूव करेगा। रिक्वायरमेंट के अनुसार मांग संबंधित स्टेशन से विभिन्न तरह की दवाएं भेजी जाएंगी। ट्यूब पूरी तरह से ग्लास प्लेटेड है। इसमें प्रतिदिन करीब 250 कैप्सूल (स्पेशल लीक प्रूफ करियर) मूव करेंगे।

जर्मनी से इंपोर्ट किया गया है यह सिस्टम

एसएलबीएस मेडिकल कॉलेज के अस्पताल को जर्मन तकनीक इफ्टो से लैस किया गया है। इसके लिए पूरा सिस्टम जर्मनी से इंपाेर्ट किया गया। यह एक ऐसी तकनीक है जिसका सीधा लाभ मरीजों को मिलेगा। सिस्टम की कंडीशनिंग की जा चुकी है। यह कार्य करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। -आरपी मिश्रा, जीएम, एनबीसीसी

ईएसआईसी ने नेरचौक में बनवाया इफ्टो तकनीक से लैस देश का पहला हॉस्पिटल

देश के किसी भी सरकारी अस्पतालों में ये सुविधा नहीं

देशभर में सरकारी क्षेत्र के किसी भी बड़े स्वास्थ्य संस्थान में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है। यहां तक कि एम्स में भी नहीं है। एम्स को भी इस सुविधा से लैस करने की तैयारी अब चल रही है। ईएसआईसी द्वारा बनाए गए अन्य अस्पतालों में भी यह सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। कॉलेज शुरू हो चुका है जल्द ही सरकार अस्पताल को भी सुचारू करेगी। -डॉ. डीएस धीमान, प्रिंसिपल कम डीन, एसएलबीएस मेडिकल कॉलेज नेरचौक

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