नियमित बिजली के लिए बंद रहा टंडवा
नियमित बिजली आपूर्ति के लिए पूर्व निर्धारित टंडवा बंदी पूरी तरह असरदार रहा। राजद नेता सह समाजसेवी सुभाष दास व कांग्रेस नेता सह समाजसेवी सुनील सिन्हा के नेतृत्व में आयोजित बंदी का समर्थन व्यवसायियों ने भी किया। बिजली की अनियमित आपूर्ति से त्रस्त व्यवसायियों ने अपनी अपनी दुकानें बंद कर आंदोलन को सफल बनाने में सहयोग किया। बंद से वाहनों के परिचालन को मुक्त रखा गया था। इस दौरान बिजली की अनियमित आपूर्ति से परेशान ग्रामीणों ने बिजली विभाग व केरेडारी सबस्टेशन में कार्यरत कर्मियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मौके पर कांग्रेस नेता सुनील सिन्हा ने कहा कि टंडवा के अलावा पूरे प्रखंड में आजादी के बाद भी बिजली की समस्या सुधरी नहीं। जब टंडवा में एनटीपीसी तथा एशिया की सबसे बड़ी कोल परियोजना मगध आम्रपाली आए पांच वर्ष से भी अधिक हो गई। टंडवा औद्योगिक नगरी के रूप में पूरे देश में अपनी पहचान बनाई। इसके बावजूद यहां के लोग बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ जैसे मुलभूत सुविधाओं से वंचित है। आज भी कंपनियों के अधिकारी बिजली आपूर्ति को लेकर खोखला आश्वासन देने में नहीं थकते। सुभाष दास ने कहा कि हजारीबाग जिले के केरेडारी सबस्टेशन के माध्यम से टंडवा के मिश्रौल के करम मोड़ स्थित सबस्टेशन मे आती है। पर केरेडारी सबस्टेशन के आपरेटर द्वारा टंडवा की बिजली काट देते हैं। बिजली कांटे जाना का मामला कई बार उजागर हो चुका है। मौके पर विधायक प्रतिनिधि तारकेश्वर गुप्ता, सरोज गुप्ता, मिथलेश रजक, अनुज कुमार, विकास नायक, अजीत नायक, अजय पासवान, रंजीत गुप्ता, छोटू गुप्ता समेत दर्जनों लोग शामिल थे।