- Hindi News
- National
- 75 प्रतिशत किसानों की सहमति मिलने के बाद ही जमीन पर कारखाना लगाने का प्रावधान
75 प्रतिशत किसानों की सहमति मिलने के बाद ही जमीन पर कारखाना लगाने का प्रावधान
स्थानीय नगर भवन मे बुधवार को रैयत विस्थापित मोर्चा का सेमिनार आयोजित किया गया। इसमें मुख्य अतिथि महासचिव सैनाथ गंझू व केंद्रीय कोषाध्यक्ष रंजीत बेहरा उपस्थित थे। सेमिनार में कई विस्थापित गांव के रैयतों ने भाग लिया। रैयत विस्थापित मोर्चा के पदाधिकारियों ने विस्थापितों प्रभावितों के हक व अधिकार की जानकारी दी। महासचिव सैनाथ गंझू ने झारखंड सरकार की नीति का विरोध करते हुए कहा कि सरकार मोमेंटम झारखंड के माध्यम से कारपोरेट घरानों को सस्ती दर पर जमीन उपलब्ध करा रही है। विरोध करने पर विस्थापितों पर गोली चलाई जा रही है। कहा कि 75 प्रतिशत किसानों के सहमति के बाद ही जमीन पर कल कारखाना लगाने का प्रावधान है। पर झारखंड सरकार इसकी धज्जियां उड़ा रही है। केंद्रीय कोषाध्यक्ष रंजीत बेसरा ने कहा कि झारखंड सरकार के कार्यकाल में किसानों को जान व जमीन बचाना मुश्किल है , सीबी एक्ट 1954 के आधार पर जमीन का मुआवजा किसान तय करेंगे पर वर्तमान में सरकार व कंपनी मुआवजा तय कर रही है। कार्यक्रम में दर्जनों लोगों ने मोर्चा के दामन थामा जिनका पदाधिकारियों ने माला पहनाकर स्वागत किया। कार्यक्रम को केंद्रीय सचिव गुरदयाल साव, विजय बेदिया, अफनुल्लाह, फारुख, अकील, श्याम सुंदर सिंह, जसमुद्दीन अंसारी, अशेश्वर यादव, सकुंती देवी, कौशल्या देवी समेत दर्जनों ने संबोधित किया।