समर्थन मूल्य पर खरीदे चने व मसूर की बोरियों में लगी आग, 700 बोरे जले
भास्कर संवाददाता | आगर-मालवा
कृषि उपज मंडी में बुधवार को आग लगने से कुछ समय के लिए हड़कंप मंच गया। आग लगने की घटना दोपहर करीब एक बजे हुई। समर्थन मूल्य पर तनोड़िया सोसायटी द्वारा खरीदे गए चने व मसूर की बोरियों में अचानक आग लग गई। वहां उपस्थित किसान व कर्मचारी तत्परता से आग बुझाने में जुट गए। सूचना मिलने पर नपा की फायर ब्रिगेड भी वहां पहुंच गई। इस घटना में 700 बोरे जलने का अनुमान है। इसमें पहले समर्थन मूल्य पर चना बेचने आए एक किसान का चना जब सर्वेयर ने खरीदने से इंकार कर दिया, तो किसानों ने हंगामा शुरू कर दिया। फतेगढ़ के किसान धारा सिंह का चना सर्वेयर ने दाना छोटा बड़ा होने के कारण लेने से इंकार किया तो, अन्य किसान आक्रोशित हो गए। किसानों का कहना था कि उपज में मिट्टी नहीं है। मामला बढ़ते देखकर मंडी कर्मचारी व अधिकारी वहां आ गए। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस व तहसीलदार मुकेश सोनी ने किसानों को समझाकर शांत किया।
मंडी परिसर में किसानों का हंगामा शांत हुआ ही था कि प्राथमिक सहकारी साख संस्था मर्यादित तनोड़िया द्वारा समर्थन मूल्य पर खरीदे गई चना मसूर की बाेरियों में आग लग गई। धुआं उठता देखकर वहां मौजूद किसान व कर्मचारी पहले घबरा गए फिर उन्होंने तत्परता से आग बुझाने का कार्य शुरू कर दिया। इन लोगों ने आग पर बहुत कुछ काबू पा लिया था। सूचना मिलने पर पहुंची नपा की फायर ब्रिगेड ने आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। खरीदी करने वाले कर्मचारियों का कहना है कि करीब 700 बोरियों में आग के कारण नुकसान हुआ है। आग की वजह कर्मचारी किसी किसान द्वारा बीड़ी पीकर बोरो के नीचे फेंकना बता रहे है। जबकि कुछ लोगों का कहना था कि जब आग लग रही थी तब कुछ लोग बोरियों के नीचे से बिजली के तार निकाल रहे थे। हो सकता है मशीन चलाने के लिए लगाए गए तारों में शॉर्ट सर्किट होने से आग लगी हो।
कृषि उपज मंडी में इस तरह बोरियाें में लगी आग ।
एसआई की सिंघम स्टाइल से कर्मचारी-किसान नाराज
हंगामे की सूचना जब पुलिस को मिली, तो कोतवाली थाने से पुुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिसकर्मियों के साथ आए एसआई राधेश्याम दांगी ने इस दौरान पूरी सिंघम स्टाइल दिखाई। उन्होंने आते ही किसानों को हड़काना शुरू कर दिया। कुछ देर बाद जब उन्हें गर्मी लगने लगी, तो वहां पड़ी बोरियों पर जाकर बैठ गए और अन्य पुलिसकर्मियों को बुलाकर शीतल पेय की बाटल बुलाकर बोरियों पर ही बैठे-बैठे मोबाइल से बतियाते हुए चुस्की लेने लगे। इतनी देर में मंडी परिसर के दूसरे हिस्से में बाेरियों में आग लग गई। वहां किसान आग बुझाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन एसआई ने बगैर कुछ सोचे समझे किसानों को ही फटकार लगा दी। इससे किसान खासे नाराज दिखाई दिए। एसआई का बर्ताव नपा के दमकल कर्मचारियों के साथ भी कुछ ठीक नहीं रहा और इन्होंने नपा कर्मचारियों को भी फटकार दिया। एसआई के व्यवहार से आहत हुए कर्मचारियों ने मौके से दमकल हटा कर आगे लगा ली। इसकी जानकारी स्वच्छता निरीक्षक बसंत डूलगज द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों को भी दी गई।
बोरों में आग लगने पर फायर ब्रिगेड से बुझाते कर्मचारी।
नहीं हो रहा परिवहन, खुले में पड़ी हजारों क्विंटल उपज
समर्थन मूल्य पर एलएसएस तनोड़िया के अलावा बापचा व नरवल द्वारा भी कृषि उपज मंडी में खरीदी की जा रही है। तनोड़िया सोसायटी द्वारा ही 10 हजार क्विंटल से अधिक माल खरीदा जा चुका हैै। इनमें से करीब 3 हजार बोरी 3 शेड के अंदर व बाकी खुले में पड़ी है। अन्य सोसायटियों का माल अलग है। एक अनुमान है कि करीब 10 हजार क्विंटल उपज े नीचे पड़ी हुई है। आए दिन मौसम बिगड़ रहा है। कई जगह बारिश होने से खरीदी गई उपज का नुकसान हुआ है। ऐसे में आगर मंडी में पड़ी यह उपज भी खराब हो सकती है। कर्मचारियों का कहना है कि बार-बार वरिष्ठ अधिकारियों को कहने के बाद भी अभी तक परिवहन चालू नहीं हुआ है।