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मैसेज देकर बुला रहे किसानों को, तीन दिन उपार्जन केंद्र पर रहते हैं खड़े, फिर भी नहीं होती खरीदी

3 वर्ष पहले
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शासन द्वारा बनाए गए नए चना उपार्जन केंद्र पर मनमानी का आलम है। किसानों को तीन-तीन दिन तक नांदेड़ उपार्जन केंद्र पर खड़े रहना पड़ रहा है। कार्यरत कर्मी भी किसानों को बेवजह परेशान करने पर तुले हैं। नांदेड़ संस्था प्रमुख भी समय के बाद केंद्र पर पहुंचता है व समय से पूर्व संस्था छोड़कर जाने का आरोप कांग्रेस के नेताओं ने लगाया है।

ब्लॉक कांग्रेस कमेटी प्रवक्ता मनीष शर्मा एवं प्रदेश किसान कांग्रेस संगठन मंत्री श्याम चौहान ने संयुक्त रूप से बताया शासन द्वारा चना, मसूर खरीदी हेतु नांदेड़ की सेवा सहकारी संस्था को अधिकृत कर नए खरीदी केंद्र बनाया है ताकि किसानों की उपज समय पर तुले परंतु खरीदी केंद्र के संस्था प्रभारी एवं सहयोगी कर्मचारियों की वजह से किसान परेशान हो रहा है। शासन की मंशा थी कि किसान परेशान ना हो लेकिन मैसेज के नाम पर किसानों को कभी माकड़ौन तो कभी तराना के चक्कर लगवाए जा रहे हैं। इनकी कारगुजारी और मनमानी से किसान फुटबॉल बन गया है।

शर्मा व चौहान का कहना था कि संस्था प्रभारी कभी भी समय पर नहीं आता है। कभी मीटिंग का बहाना तो कभी जानकारी देने का बहाना बनाकर गायब हो जाता है। यहां भी कहता है कि आप से बने वह कर लो मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता, मेरे भाजपा नेताओं से संबंध है। संस्था प्रबंधक किसानों को डराना धमकाना एवं माल में अनेक प्रकार के बहाने तौलने में करता है व अपने चहेतों का माल अंधेरे में तुलवा लेता है। अगर सात दिवस में समस्या का निराकरण नहीं हुआ तो कांग्रेस पार्टी खरीदी केंद्र पर जाकर प्रदर्शन करेगी।

किसानों द्वारा माल की क्वालिटी देखने पर शिकायत करना आम बात है। शासकीय कार्य से माकड़ौन बैंक की शाखा में जाना पड़ता है। इसलिए हर समय केंद्र पर उपस्थित नहीं हो सकता हूं। जगदीश चंद्र शर्मा, नांदेड़ उपार्जन केंद्र प्रभारी

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