पंजाब राज्य को सभी के सहयोग से नशामुक्त किया जाएगा। राज्य में नशा छुड़ाने के लिए यहां 1 लाख 82 हजार लोग नशा छोड़ने की दवाई लेने के लिए ओपीडी में आते थे अब उनकी संख्या बढ़कर 4 लाख 12000 हो चुकी है, पंजाब में पहले से 4 गुना अधिक लोग नशे की गिरफ्त में हैं जिन्हें पूर्ण रूप से नशामुक्त करने के लिए यह राज्य सरकार का सबसे बड़ा अभियान है। इन शब्दों का प्रकटावा पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आज पुलिसलाइन तरनतारन में डीएपीओ (डैपो) के दूसरे चरण का शुभारंभ करने के अवसर पर संबोधित करते हुए किया।
इसके अलावा उन्होंने सीमावर्ती जिले तरनतारन के उत्थान के लिए 555 करोड़ रुपए की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं को अमलीजामा पहनाने की घोषणा भी की। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने खेमकरण से झब्बाल रोड के लिए 150 करोड़ रुपए का ऐलान किया जिसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा टेंडर निकाले गए हैं। इसी तरह हरिके-खालड़ा रोड को चौड़ा और अपग्रेड करने के लिए 125 करोड़ रुपए और 770 किलोमीटर की लंबाई वाली 312 लिंक सड़कों की विशेष मरम्मत के लिए 73 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का ऐलान किया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने आसल उताड़ से खेमकरण तक नई सड़क के निर्माण के लिए 9.25 करोड़ रुपए, पट्टी सरहाली रोड से हरिके खालड़ा बरास्ता आसल भागूपुर रोड को चौड़ा और मरम्मत करने के लिए 3 करोड़ रुपए और घड़का गांव की आबादी को ब्यास नदी से पार खेतों के लिए पौनटून पुल के लिए भी 3 करोड़ रुपए देने का ऐलान किया है। समागम में पंजाब के शिक्षा मंत्री ओपी सोनी, स्वास्थ्य मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा, गुरजीत सिंह औजला, विधायक हरमिंदर सिंह गिल, तरनतारन के विधायक डा. धर्मबीर अग्निहोत्री, विधायक सुखपाल सिंह भुल्लर, पूर्व मंत्री गुरप्रीत सिंह भुल्लर आदि मौजूद थे
पुलिसलाइन तरनतारन में डैपो के दूसरे चरण के शुभारंभ के दौरान आयोजित प्रोग्राम को संबोधित करते मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंद्र सिंह, शिक्षामंत्री ओपी सोनी और अन्य।
प्रोग्राम से मुख्यमंत्री कैप्टन जैसे ही रवाना हुआ तेज आंधी चलनी शुरू हो गई।
अड्डा झब्बाल में डैपो वाले लोगेां की बसें रुकने के कारण काफी देर तक जाम लगा रहा।
779 स्कूलों के विकास के लिए 60 करोड़ जबकि विभिन्न मंडियों के लिए 44 करोड़ रुपए रखे गए हैं। जिले में 40 करोड़ की लागत से स्वास्थ्य सुविधाओं को मज़बूत बनाने और 12 करोड़ रुपए की लागत से खडूर साहिब क्षेत्र में सरकारी डिग्री कॉलेज स्थापित करने का भी ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने पट्टी में गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी की तरफ से 10 करोड़ की लागत से भैंसों का शोधकेंद्र स्थापित करने का ऐलान किया।
779 स्कूलों के विकास के लिए 60 करोड़ रुपए
555 करोड़ में तरनतारन को मिले केवल 13 करोड़
कैप्टन अमरिंद्र सिंह द्वारा अलग-अलग सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास के लिए 555 करोड़ रुपये की ग्रांट जारी करने का ऐलान किया परंतु तरनतारन जिले के कई अधूरे पड़े विकास कार्यो के लिए केवल 13 करोड़़ रुपये ही हिस्से आए हैं। समागम के दौरान ही मंच को संबोधित करते हुए तरनतारन के विधायक डॉ. धर्मवीर अग्निहोत्री ने सीएम कैप्टन से जिले में पासपोर्ट केंद्र खोलने, चीनी मिल को फिर से शुरू करने सहित कई मांगें रखी थीं लेकिन मुख्यमंत्री ने खजाने में रुपए ना होने का कहकर इन मांगों को टाल दिया।
समागम में नहीं दिखे हलका खडूर साहिब के विधायक रमनजीत सिंह सिक्की
इस समागम में कई कांग्रेसी नेता इस समागम का हिस्सा बनते हुए दिखाई दिए लेकिन हलका खडूर साहिब के विधायक रमनजीत सिंह सिक्की की शमूलियत कहीं भी दिखाई नहीं दी। यह बात समागम के बाद भी काफी चर्चा का विषय बनी रही कि आखिर रमनजीत सिंह सिक्की इस समागम में क्यों शामिल नहीं हुए। इस बात को लेकर समागम में भी चर्चा रही।
समागम के खत्म होने के 10 मिनट बाद चली तेज आंधी से उड़े टैंट
समागम में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह द्वारा संबोधित करने के बाद जब वह समागम से निकले तो उनके निकलने के 10 मिनट के बाद ही तेज आंधी के चलने के कारण समागम वाले स्थान पर लगे टैंट आसमान में उड़ते हुए दिखाई दिए। कई जगहों पर टैंट व सजावट के लिए लगाए गए गमले भी जमीन पर गिरे हुए देखने को मिले। वैसे तो अधिकतर लोग पंडाल से जा चुके थे, परंतु जो भी वे भी जल्दी से जाने लग पड़े।