थांदला के ग्राम आंगलियापाड़ा का मामला
भास्कर संवाददाता | थांदला
पशु चिकित्सा विभाग के एक अधिकारी पर 700 रुपए लेकर गाबन भैंस का इलाज करने का आरोप लगा है। पशुपालक ने इलाज के बाद गर्भस्थ बछड़े की मौत हो जाने के बाद शिकायत की है। जांच शुरू हो गई है।
ग्राम आंगलियापाड़ा निवासी वीरसिंह कसना मेड़ा ने 5 मई को अपनी गाबन भैंस का इलाज करवाने के लिए सहायक पशु चिकित्सक को अपने घर बुलाया था। इलाज के दौरान पशु चिकित्सक ने पशु पालक को बताया कि भैंस ने बच्चे को पूर्व में ही जन्म दे दिया है। उन्होंने भैंस का इलाज करते हुए उसके गर्भाशय में 3 गोली रखते हुए कुछ इंजेक्शन लगाए। कुछ अन्य गोलियां भी रोटी के साथ खिलाने को दी। इलाज के नाम पर 700 रुपए पशु पालक से ले ली। 3 दिन बाद भैंस ने मृत बच्चे को जन्म दिया, जिसे देखकर पशुपालक दंग रह गया। उसने जनसुनवाई, थांदला एसडीएम अशफाक अली, थांदला पुलिस थाना पर पहुंच कर पशु चिकित्सक के खिलाफ आवेदन दिया।
थांदला पुलिस थाना से उप संचालक जिला चिकित्सा सेवा को पत्र लिख कर भैंस और उसके मृत बच्चे की पोस्टमार्टम रिपोर्ट मांगी गई है। जिला उपसंचालक चिकित्सा सेवा के संचालक ने पत्र तीन सदस्यीय जांच टीम बनाई है। इसमें मेघनगर के डॉ. एसके गौड़, डॉ. रामबरणसिंह जनोरिया(काकनवानी), डॉ. महेश खराड़ी(थांदला) को शामिल किया है। मामले की जांच कर प्रतिवेदन सौंपने को कहा है। उधर, अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) ने भी तहसीलदार को जांच के आदेश दे दिए हैं।