प्रभू भक्ति से ही कल्याण संभव
सेंवढ़ा | प्रभू भक्ति ही मानव के कल्याण का एक मात्र माध्यम है। इसलिए संसार के प्रत्येक प्राणी को अपनी दिनचर्या में भजन पूजन के लिए समय अवश्य निकालना चाहिए। मंदिरों में कुछ समय एकांत में बैठकर ध्यान करने से चित्त को जो शांति मिलती है। वह किसी भी प्रकार धन संपदा से नहीं मिल सकती। कस्बा थरेट में स्थित गुरुमहिमा की बगिया में आयोजित श्रीमद् भगवत कथा के दौरान यह विचार पं. गोपाल कृष्ण शास्त्री ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि जब भी किसी धार्मिक स्थल पर जा, तो वहां चल रही पूजा अर्चना हवन आदि में अवश्य हिस्सा लें। साथ ही आते समय पीठ दिखाकर कभी न आएं। शास्त्रों में यह वर्जित है। इससे पूर्व कथा पारीक्षित डाॅ. बृजकिशोर गौड़ ने लोगों से धार्मिक आयोजन में सहभागिता करने का आव्हान किया। कथा में सैकड़ों की संख्या श्रोतागण पहुंचकर आनंद ले रहे हैं।