बिजली संकट को देखते हुए सरकार थर्मल पावर प्लांटों को कोयले की सप्लाई बढ़ाएगी। इनमें केंद्र और राज्यों के प्लांट के साथ निजी कंपनियों के प्लांट भी शामिल हैं। इन्हें 30 जून तक कोयले की ज्यादा सप्लाई होगी। पिछले गुरुवार को बिजली, कोयला और रेल मंत्रालय की बैठक में यह निर्णय लिया गया। भीषण गर्मी में बिजली की मांग बढ़ने से एनर्जी एक्सचेंज में बिजली की स्पॉट कीमत 8.23 रुपए तक पहुंच गई है, जो अक्टूबर 2017 के बाद सबसे ज्यादा है।
स्टील, सीमेंट कंपनियों को दिक्कत: विशेषज्ञों का मानना है कि जो कंपनियां अपनी जरूरत (कैप्टिव) के लिए बिजली बनाती हैं, वहां कोयले की कमी आ सकती है। कैप्टिव पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के सचिव राजीव अग्रवाल ने बताया कि कंपनियों को एक साल से दिक्कतें आ रही हैं। उन्हें जरूरत का 10 से 30% ही कोयला मिल रहा है। इस फैसले से सीमेंट, स्टील, टेक्सटाइल, केमिकल और एल्युमिनियम कंपनियां प्रभावित होंगी।